बैसाखी के मौके पर एक नई वेब सीरीज ‘पहचान' (Pehchaan) ग्लोबली प्रीमियर होने जा रही है. इस सीरीज को सोनी लिव और एसपीएनआई के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया जाएगा. खास बात यह है कि इस शो को महेश भट्ट एंकर कर रहे हैं, जो इस बार किसी कहानीकार की तरह नहीं, बल्कि एक संवेदनशील श्रोता की भूमिका में दिखाई देंगे. ‘पहचान' का मकसद मनोरंजन से ज्यादा उन कहानियों को सामने लाना है, जो दर्शकों को भीतर तक छू जाएं. शो में सिख समुदाय के ऐसे 13 लोगों की कहानियां दिखाई जाएंगी, जिनकी जिंदगी विश्वास, साहस, संघर्ष और सेवा (सेवा भावना) से जुड़ी रही है.
ओटीटी और यूट्यूब दोनों प्लेटफॉर्म पर रिलीज
निर्माताओं के मुताबिक शो को एक साथ ओटीटी और यूट्यूब पर रिलीज करने के पीछे सोच यह है कि ये कहानियां ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचें और सीमित दर्शक वर्ग तक न रह जाएं. आज के दौर में जब पहचान और धर्म के नाम पर समाज में कई बार विभाजन की स्थिति बन जाती है, ‘पहचान' सिख समुदाय की उन मूल परंपराओं और जीवन मूल्यों पर फोकस करती है, जो वर्षों से सेवा, साहस और अनुशासन के रूप में सामने आते रहे हैं.
महेश भट्ट बोले—इन कहानियों ने मुझे सुनना सिखाया
महेश भट्ट ने शो को लेकर कहा कि यह अनुभव उनके लिए अलग रहा. उन्होंने कहा, “जो लोग बिना किसी पहचान और प्रशंसा की चाह के सेवा करते हैं, उनमें एक अलग ही ताकत होती है… इस शो ने मुझे फिर से सुनना, सीखना और खुद को बदलना सिखाया.”
विनय भारद्वाज की परिकल्पना, 13 सिख आवाजें
इस सीरीज को विनय भारद्वाज ने कॉन्सेप्चुअलाइज और प्रोड्यूस किया है. उनका कहना है कि शो का उद्देश्य किसी समुदाय को परिभाषित करना या समझाना नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच बनाना है जहां असल अनुभव सामने आ सकें. विनय भारद्वाज ने कहा, “हम किसी चीज़ को सरल बनाकर पेश नहीं करना चाहते थे. बस एक ऐसा स्पेस बनाना चाहते थे जहां भावना और आत्मा महसूस हो सके. ये कहानियां सिर्फ सिख समुदाय की नहीं, बल्कि हर इंसान की हैं.”
बैसाखी पर रिलीज क्यों खास है?
बैसाखी सिख धर्म में खालसा पंथ की स्थापना का दिन माना जाता है. ऐसे में ‘पहचान' का इसी मौके पर रिलीज होना शो की थीम से जुड़ता है, क्योंकि यह पर्व आस्था, पहचान, नए संकल्प और सेवा की भावना का प्रतीक माना जाता है.
‘पहचान'—कहानी नहीं, एक अनुभव
शो के मेकर्स का दावा है कि सीरीज में रिसर्च और निर्देशन को प्राथमिकता दी गई है ताकि यह सिर्फ भावनात्मक प्रस्तुति न लगे, बल्कि सच्चे अनुभवों की तरह सामने आए. ‘पहचान' उन कहानियों को जगह देती है जो अक्सर सुनी नहीं जातीं—जहां सेवा कोई दिखावा नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदत है, और साहस बिना शोर के अपनी मौजूदगी दर्ज करता है.
अब देखना दिलचस्प होगा कि ‘पहचान' दर्शकों के बीच किस तरह की बातचीत और सोच को जन्म देती है. ‘पहचान' का प्रीमियर बैसाखी पर सोनी लिव और एसपीएनआई के यूट्यूब चैनल पर होगा.