CBFC में सख्त रवैया, इन 7 फिल्मों से रचा था इतिहास…क्यों हमेशा चर्चा में रहे पहलाज निहलानी?

हिंदी सिनेमा के दिग्गज प्रोड्यूसर और CBFC के पूर्व चेयरमैन पहलाज निहलानी का 76 साल की उम्र में निधन हो गया. गोविंदा को लॉन्च करने से लेकर लगातार सुपरहिट फिल्में देने और सेंसरशिप पर सख्त रवैये तक, उनका सफर हमेशा चर्चा में रहा.

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नहीं रहे बॉक्स ऑफिस के ‘खिलाड़ी’ पहलाज निहलानी

Pahlaj Nihalani Death: जाने-माने फिल्म प्रोड्यूसर और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पूर्व चेयरमैन पहलाज निहलानी का गुरुवार को 76 साल की उम्र में निधन हो गया. हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की एक जानी-मानी हस्ती, निहलानी ने 1980 और 1990 के दशक में कमर्शियल बॉलीवुड सिनेमा को आकार देने में अहम भूमिका निभाई. फिल्म सेंसरशिप और सर्टिफिकेशन पर अपने कड़े विचारों की वजह से वे CBFC के सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले चेयरमैन में से एक भी रहे.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहलाज निहलानी ने सुबह करीब 9:30 बजे अंतिम सांस ली. वे पिछले लगभग चार महीनों से लिवर सिरोसिस से जूझ रहे थे. बताया जा रहा है कि उनका इलाज मुंबई के नानावती अस्पताल समेत कई अस्पतालों में चला था. उनके परिवार ने इस बात की पुष्टि की है कि उनका अंतिम संस्कार दोपहर 3 बजे सांताक्रूज हिंदू श्मशान घाट पर किया जाएगा.

परिवार के दोस्त और फिल्ममेकर शशि रंजन ने News9 Digital से बात करते हुए इस खबर की पुष्टि की. उन्होंने कहा, "पहलाज जी की तबीयत ठीक नहीं चल रही थी. उन्हें नानावती अस्पताल से घर लाया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली."

इन 7 फिल्मों से रचा इतिहास

बॉलीवुड में पहलाज निहलानी ने हिंदी सिनेमा में एक सफल प्रोड्यूसर के तौर पर अपनी पहचान बनाई. उन्होंने कई कमर्शियली सफल फिल्मों को प्रोड्यूस किया, जिनमें 'इल्जाम', 'आग ही आग', 'शोला और शबनम', 'अंदाज', 'तलाश', 'पाप की दुनिया' और 'आंखें' शामिल हैं. 1993 की कॉमेडी फिल्म 'आंखें', जिसमें गोविंदा और चंकी पांडे मुख्य भूमिका में थे, अपने समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्मों में से एक साबित हुई और आज भी उनकी सबसे यादगार फिल्मों में से एक मानी जाती है.

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निहलानी ने इंडस्ट्री में कई लोगों के करियर को संवारने में भी अहम भूमिका निभाई. उन्होंने फिल्म 'इल्जाम' (1986) में गोविंदा को लीड एक्टर के तौर पर पेश किया. बाद में उन्होंने चंकी पांडे की पहली फिल्म 'आग ही आग' (1987) को भी प्रोड्यूस किया. उनकी कुछ अन्य यादगार फिल्मों में 'हथकड़ी', 'आंधी-तूफान', 'पाप की दुनिया', 'गुनाहों का फैसला', 'मिट्टी और सोना', 'आग का गोला', 'फर्स्ट लव लेटर', 'दिल तेरा दीवाना', 'भाई भाई', 'जूली 2' और 'रंगीला राजा' शामिल हैं.

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CBFC चीफ के तौर पर पहलाज निहलानी का कार्यकाल

फिल्म बनाने के अलावा, निहलानी ने 2015 से 2017 के बीच CBFC के अध्यक्ष के तौर पर भी काम किया. सेंसरशिप को लेकर उनके सख्त रवैये की वजह से उनके कार्यकाल के दौरान फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर बहस छिड़ जाती थी. उनके बोर्ड में कई फिल्में विवाद का विषय बन गईं, जिसमें 'उड़ता पंजाब', 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का' और जेम्स बॉन्ड की फिल्म 'स्पेक्टर' शामिल हैं.

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CBFC में शामिल होने से पहले, निहलानी ने लगभग तीन दशकों तक 'एसोसिएशन ऑफ मोशन पिक्चर एंड टीवी प्रोग्राम प्रोड्यूसर्स' के अध्यक्ष के तौर पर भी काम किया, जिससे मनोरंजन इंडस्ट्री में उनकी एक असरदार आवाज बन गई.

परिवार में कौन-कौन?

पहलाज निहलानी के परिवार में उनकी पत्नी नीता और बेटे विशाल, दीपेश और चिराग हैं. कई दशकों तक फैले अपने करियर में, वह अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ गए हैं जिसकी पहचान कमर्शियल फिल्मों की सफलता, इंडस्ट्री में उनके प्रभाव और भारत के फिल्म सर्टिफिकेशन के इतिहास में एक गहरे विवादित अध्याय से होती है.

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