T-Series के संस्थापक गुलशन कुमार के छोटे भाई दर्शन कुमार का 18 अप्रैल 2026 को दिल्ली में निधन हो गया. इस खबर से भारतीय संगीत और फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. हालांकि दर्शन कुमार ज्यादातर लाइमलाइट से दूर ही रहे, लेकिन इंडस्ट्री में उन्हें एक दयालु और दरियादिल इंसान के तौर पर जाना जाता है. अपने शांत स्वभाव और पर्दे के पीछे रहकर किए गए योगदानों के लिए मशहूर, उन्होंने कई कलाकारों को सपोर्ट किया और उस परिवार का एक अहम हिस्सा बने रहे, जिसने भारत के संगीत परिदृश्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है. उनके निधन पर उन लोगों ने दिल से श्रद्धांजलि दी है, जो उन्हें निजी और पेशेवर, दोनों ही स्तर पर जानते थे.
गायक मीका सिंह ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक संदेश के साथ यह खबर साझा की... उन्होंने लिखा, "अभी-अभी यह दिल तोड़ने वाली खबर मिली कि T-Series के मालिक दर्शन कुमार जी अपनी खूबसूरत यादें छोड़कर हमें अलविदा कह गए. वह सचमुच एक महान इंसान थे और हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते थे. उन्होंने न जाने कितने गायकों को लॉन्च किया, उनका साथ दिया और अनगिनत प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के मौके दिए. माता रानी उनकी आत्मा को शांति और मोक्ष प्रदान करें. उनकी आत्मा को शांति मिले. ओम शांति."
दर्शन कुमार जिस विरासत का हिस्सा थे, उसे समझने के लिए हमें गुलशन कुमार दुआ के सफर पर नजर डालनी होगी. साल 1983 में, गुलशन कुमार दुआ ने 'सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड' की नींव रखी, जिसे बाद में 'T-Series' के नाम से जाना गया और इस तरह उन्होंने भारत के संगीत जगत में एक क्रांति ला दी.
उनके काम की बदौलत संगीत आम लोगों तक आसानी से पहुंच सका, और भक्ति गीत व फिल्मों के साउंडट्रैक देश भर के हर घर में गूंजने लगे. हालांकि, 12 अगस्त 1997 को उनकी ज़िंदगी का दुखद अंत हो गया. मुंबई के अंधेरी पश्चिम इलाके में स्थित 'जीतेश्वर महादेव मंदिर' के बाहर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था.
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इसके बाद कृष्ण कुमार और भूषण कुमार ने कंपनी की बागडोर संभाली, और आगे चलकर भूषण कुमार ने T-Series को मनोरंजन जगत की एक वैश्विक महाशक्ति (Global Entertainment Powerhouse) में तब्दील कर दिया. आज इस परिवार की विरासत केवल व्यावसायिक सफलता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि रचनात्मक योगदानों के माध्यम से भी आगे बढ़ रही है. तुलसी कुमार और खुशाली कुमार ने कलाकार के तौर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है. कुमार परिवार में भाई दर्शन कुमार, गोपाल कृष्ण और कृष्ण कुमार शामिल हैं. इन सभी ने अलग-अलग तरीकों से परिवार की इस विरासत को संवारने में अपना योगदान दिया है.
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