बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म निर्माता और सेंसर बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी के निधन ने फिल्म जगत को गहरे शोक में डुबो दिया है. लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे पहलाज निहलानी के जाने से सिर्फ इंडस्ट्री ही नहीं, बल्कि उनका पूरा परिवार भी टूट गया है. अपने पीछे वह पत्नी नीता निहलानी और तीन बेटों को छोड़ गए हैं. उनकी पहचान सिर्फ एक सफल निर्माता के रूप में नहीं थी, बल्कि वह एक ऐसे पति भी थे, जिन्होंने अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा हिस्सा अपनी पत्नी के साथ बिताया. उनकी प्रेम कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं थी, जो स्कूल के दिनों से शुरू होकर जीवन के अंतिम पड़ाव तक साथ चली.
स्कूल के दिनों में शुरू हुई थी प्रेम कहानी
पहलाज निहलानी और नीता की मुलाकात तब हुई थी, जब दोनों स्कूल में पढ़ते थे. पहलाज 10वीं कक्षा में थे, जबकि नीता उनसे एक साल जूनियर थीं. पहली नजर में ही पहलाज उन्हें दिल दे बैठे थे. उस दौर में ना सोशल मीडिया था और ना ही मोबाइल फोन, इसलिए अपने प्यार का इजहार करने का तरीका भी अलग था. वह अक्सर नीता को देखने के बहाने तलाशते रहते और जहां भी वह जातीं, उनकी एक झलक पाने की कोशिश करते.
कई बार ऐसा हुआ कि नीता अपने दोस्तों के साथ फिल्म देखने जातीं और पहलाज भी उसी थिएटर में पहुंच जाते. वह इस कोशिश में रहते कि किसी तरह उनसे बातचीत का मौका मिल जाए. धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर यह रिश्ता प्यार में बदल गया.
दो साल की कोशिश के बाद मिली थी मोहब्बत की मंजिल
पहलाज निहलानी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने करीब दो साल तक नीता का दिल जीतने की कोशिश की थी. आखिरकार वह दिन भी आया, जब नीता ने उनके प्यार को स्वीकार कर लिया. हालांकि उस समय नीता की जिंदगी आसान नहीं थी. उनके माता-पिता का निधन हो चुका था और वह अपने मामा के पास अमेरिका चली गई थीं.
दूरी के बावजूद दोनों का रिश्ता मजबूत बना रहा. नीता ने अपने मामा को पहलाज की तस्वीर दिखाकर शादी की अनुमति मांगी थी. परिवार की सहमति मिलने के बाद दोनों ने विवाह कर लिया. शादी से पहले वे करीब सात साल तक एक-दूसरे को जानते और समझते रहे. यही वजह रही कि उनका रिश्ता समय के हर इम्तिहान पर खरा उतरा.
पत्नी के लिए मांगी थी सबसे खास दुआ
साल 2023 में जब दोनों ने अपनी शादी की 50वीं सालगिरह मनाई थी, तब पहलाज निहलानी ने अपनी भावनाओं को खुलकर जाहिर किया था. उन्होंने बताया था कि उस खास दिन की शुरुआत गुरुद्वारे में माथा टेककर की गई थी. वहां उन्होंने भगवान से सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि अपनी पत्नी के लिए भी प्रार्थना की थी.
पहलाज ने कहा था कि वह चाहते हैं कि उनकी और नीता की साझेदारी हमेशा बनी रहे. उन्होंने भगवान से एक और अनोखी दुआ मांगी थी कि जब तक वह इस दुनिया में रहें, तब तक नीता भी उनके साथ रहें. उनका मानना था कि पत्नी के बिना जीवन की कल्पना करना भी उनके लिए बेहद मुश्किल था. यह बयान उनके रिश्ते की गहराई और एक-दूसरे के प्रति समर्पण को साफ दिखाता है.
तीन बेटों और बड़े परिवार की विरासत छोड़ गए
शादी के बाद पहलाज और नीता तीन बेटों के माता-पिता बने. उनके बेटों के नाम विक्की, दीपेश और चिराग हैं. परिवार का फिल्म और मनोरंजन जगत से गहरा जुड़ाव रहा है. चिराग निहलानी क्रिएटिव प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं और कई बड़े प्रोजेक्ट्स से जुड़े हैं. वहीं परिवार के अन्य सदस्य भी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना चुके हैं.
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पहलाज निहलानी का परिवार हमेशा उनके लिए सबसे बड़ी ताकत रहा. व्यस्त पेशेवर जिंदगी के बावजूद उन्होंने अपने रिश्तों को प्राथमिकता दी. पत्नी के साथ लगभग छह दशक का साथ, बेटों का भरा-पूरा परिवार और अपनों का प्यार उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा. आज उनके जाने के बाद परिवार के पास उनकी यादें, उनकी सीख और उनके साथ बिताए गए अनगिनत खूबसूरत पल ही सबसे बड़ी धरोहर बनकर रह गए हैं.