धर्मेंद्र, दिलीप कुमार, देव आनंद और राजेश खन्ना एक साथ सब्जी-रोटी खाते आए नजर, मगर इनकी तस्वीर शेयर कर बुरा फंसा ये डायरेक्टर

दिलीप कुमार, धर्मेंद्र, देव आनंद और राजेश खन्ना एक साथ बैठकर खाना खाते दिख रहे हैं. इस तस्वीर को उन्होंने असली समझकर पोस्ट किया

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धर्मेंद्र, दिलीप कुमार, देव आनंद और राजेश खन्ना एक साथ सब्जी-रोटी खाते आए नजर

फिल्म निर्देशक शेखर कपूर ने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक ऐसा पोस्ट शेयर किया, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया. दरअसल, उन्होंने एक तस्वीर साझा की, जिसमें कुछ पुराने बॉलीवुड सितारे नजर आ रहे हैं. इन तस्वीरों को शेयर कर वह यूजर्स के निशाने पर आ गए.  दरअसल, शेखर कपूर ने जो तस्वीर साझा की, उसमें दिलीप कुमार, धर्मेंद्र, देव आनंद और राजेश खन्ना एक साथ बैठकर खाना खाते दिख रहे हैं. इस तस्वीर को उन्होंने असली समझकर पोस्ट किया, लेकिन वास्तव में यह एक एआई फोटो है. शेखर कपूर ने इस तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा, ''ये उस समय के सबसे बड़े सितारे थे और उन्होंने लाखों भारतीयों के दिलों पर राज किया. उनकी दोस्ती और विनम्रता इस एक तस्वीर में साफ नजर आती है.''

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क्या बोले लोग

इस तस्वीर पर लोगों ने जमकर कमेंट किए और शेखर कपूर को ट्रोल करना शुरू कर दिया. एक यूजर ने लिखा, ''यह तस्वीर नकली है. कम से कम शेखर कपूर को इसे पहचानना चाहिए था.'' दूसरे यूजर ने लिखा, ''आप तो खुद एआई से अच्छे जानकार हैं, आप तो धोखा मत खाओ, यह एआई की बनाई हुई तस्वीर है.'' अन्य यूजर्स ने कमेंट्स में लिखा, ''आप जैसे निर्देशक कैसे इस फोटो को पहचान नहीं पाए? आप एक निर्देशक हैं और फिर भी नकली तस्वीर को सच मान बैठे. सही से चेक करो, मकसद अच्छा है लेकिन यह सच नहीं है.''

शेखर कपूर ने नहीं दिया रिएक्शन 

फिलहाल, शेखर कपूर ने इस मामले को लेकर किसी तरह की कोई सफाई नहीं दी. शेखर कपूर इससे पहले एआई इम्पैक्ट समिट में भी भारत की बढ़ती भूमिका पर बात कर चुके हैं. उन्होंने इस सम्मेलन में कहा था कि युवा पीढ़ी में एआई को लेकर उत्सुकता और जिज्ञासा बहुत ज्यादा है. जब युवा तकनीक को समझने और सीखने के लिए इतनी गंभीरता दिखा रहे हैं, तो यह साबित करता है कि भारत जल्द ही एआई के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है. उन्होंने कहा कि भारत को एआई का विकास करते समय अपनी परिस्थितियों और जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिए. सिर्फ पश्चिमी देशों के मॉडल को अपनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हमें अपनी विशेषताओं के अनुसार तकनीक को विकसित करना चाहिए.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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