अशोक कुमार की बेटी की 4 फोटो, चाचा किशोर कुमार, जीजा थे टैलेंटेड एक्टर, खुद भी कमाया नाम, बाबूजी ने कहा था- कभी भी हवा में मत उड़ो

सिनेमा जगत की उम्दा कलाकार रहीं प्रीति गांगुली के पिता अशोक कुमार थे. वहीं सुपरस्टार की लाडली 'बाबूजी' से मिली शिक्षा को जिंदगी का सार मानती थीं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
अशोक कुमार की बेटी की 4 फोटो
नई दिल्ली:

सिनेमा जगत में फिल्मी परिवार से आने वाले हर कलाकार को सफलता नहीं मिल पाती, लेकिन कुछ एक्टर अपनी मेहनत और प्रतिभा से अलग पहचान बना लेते हैं. ऐसी ही एक प्रतिभाशाली अभिनेत्री थीं प्रीति गांगुली. दिवंगत अभिनेता अशोक कुमार की लाडली बेटी प्रीति ने फिल्मी घराने की छत्रछाया में रहते हुए भी अपनी प्रतिभा के बल पर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई. वह बाबूजी अशोक कुमार से मिली जिंदगी की सीख को हमेशा याद रखती थीं और उसे अपने जीवन का सार मानती थीं. 

पापा, चाचा, जीजा थे एक्टिंग के सुपरस्टार 

प्रीति गांगुली का जन्म एक ऐसे फिल्मी परिवार में हुआ जहां उनकी हर तरफ प्रतिभा बिखरी हुई थी. उनके पिता सुपरस्टार अशोक कुमार थे, चाचा किशोर कुमार थे और जीजा थे अभिनेता देवेन वर्मा. इतने बड़े-बड़े नामों के बीच रहते हुए भी प्रीति ने अपनी अलग पहचान बनाने के लिए कॉमेडी को चुना और 1970-80 के दशक में अपनी कमाल की कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को खूब गुदगुदाया. 17 मई को अभिनेत्री की जयंती है. 

ये भी पढे़ं- रानी मुखर्जी का पहला हीरो, पापा थे बॉलीवुड के खूंखार विलेन, जिनकी अमिताभ बच्चन ने की मदद, 8 फ्लॉप के बाद अब करते हैं ये काम

बाबूजी अशोक कुमार ने दी थी सीख 

एक इंटरव्यू में प्रीति गांगुली ने अपने पिता अशोक कुमार की एक यादगार घटना का जिक्र करते हुए बताया था, “मैं चौथी क्लास में पढ़ती थी. एक दिन बाबूजी मुझे स्कूल से लेने आए. बड़ी सी गाड़ी देखकर मैं बहुत खुश हुई और भागते हुए उनकी तरफ गई. लेकिन रास्ते में मैं गिर गई. उठकर शर्मिंदा होते हुए गाड़ी में बैठी तो बाबूजी मुस्कुराते हुए बोले -कभी भी हवा में मत उड़ो, वरना किसी छोटे-से कंकड़ से भी ठोकर खाकर गिर सकती हो.”

Advertisement

बाबूजी को आदर्श मानती थीं प्रीति गांगुली

प्रीति कहती थीं कि बाबूजी की यह सीख उन्होंने जिंदगी भर नहीं भुलाई. अशोक कुमार को ‘दादा मुनि' भी कहा जाता था. वे बेहद सरल, सादा और नम्र स्वभाव के इंसान थे. उनके अंदर कोई बड़प्पन या अहंकार नहीं था. प्रीति अपने पिता की इसी सादगी को अपना आदर्श मानती थीं. वहीं, फिल्मी परिवार से होने के बावजूद प्रीति गांगुली ने कभी अपनी सफलता को लेकर घमंड नहीं किया. वे हमेशा जमीन से जुड़ी रहीं और अपनी प्रतिभा के दम पर दर्शकों के बीच लोकप्रिय हुईं. उनकी कॉमिक भूमिकाएं आज भी लोगों को हंसाती हैं.

एक्टिंग की दुनिया में कमाया नाम

प्रीति गांगुली को आज भी बसु चटर्जी की 1978 में आई क्लासिक फिल्म खट्टा मीठा में अमिताभ बच्चन की दीवानी फ्रेनी सेठना की भूमिका के लिए सबसे ज्यादा याद किया जाता है. उनकी हास्य भरी अदाकारी आज भी फिल्म प्रेमियों के बीच चर्चा में रहती है. 

Advertisement

ये भी पढे़ं- Mahabharat Sanjay: महाभारत में कौन था संजय? एक्टिंग करियर के लिए छोड़ी सरकारी नौकरी, अब ग्लमैर से दूर जी रहा ऐसी जिंदगी

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Topics mentioned in this article