आशा भोसले की सुपरस्टार भतीजी ने भाग कर की शादी, बुआ लता के साथ गाया गाना, 15 की उम्र में मिला फिल्मफेयर अवॉर्ड, ठुकरा दिया था राज कपूर का ऑफर

महज 15 साल की उम्र में फिल्मफेयर अवार्ड अपने नाम करने वाली एक्ट्रेस ने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने से पहले एक चाइल्ड सिंगर के तौर पर अपना करियर शुरू किया था.

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लता-आशा की इस भतीजी ने ठुकरा दी थी राज कपूर की आइकोनिक फिल्म
नई दिल्ली:

आशा भोसले की मधुर आवाज ने दशकों तक करोड़ों दिलों को छुआ. अपनी बहन लता की तरह ही वह देश की महान गायिकाओं में गिनी जाती थीं. संगीत उन्हें विरासत में मिला था. कम ही लोग जानते हैं कि उनके परिवार से बॉलीवुड स्टार्स भी रहे हैं. उनकी भतीजी सिनेमा की बड़ी स्टार रही चुकी है, वहीं उनकी एक नातिन भी मशहूर एक्ट्रेस है. हम बात कर रहे हैं एक्ट्रेस पद्मिनी कोल्हापुरे की. जो रिश्ते में आशा भोसले की भतीजी हैं. 

महज 15 साल की उम्र में फिल्मफेयर अवार्ड अपने नाम करने वाली एक्ट्रेस पद्मिनी कोल्हापुरे ने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने से पहले एक चाइल्ड सिंगर के तौर पर अपना करियर शुरू किया था. उन्होंने फिल्मों में कोरस सिंगर के तौर पर अपनी आवाज. साथ ही उन्होंने अपनी बुआ और लिजेंड्री सिंगर लता मंगेशकर के साथ भी गाना गाया. पद्मिनी की मासूमियत और उनके बेहतरीन अभिनय ने दर्शकों का दिल जीत लिया था. वह आते ही स्टार बन गई और डायरेक्टर्स-प्रोड्यूसर्स की लाइन उनके आगे लगने लगी. हालांकि पद्मिनी ने कई फिल्में रिजेक्ट भी कर दीं, जिसमें से एक राज कपूर की फिल्म राम तेरी गंगा मैली भी थी.

पद्मिनी ने अपने करियर में ऐसी कई फिल्में ठुकराईं जो बाद में रेखा, श्रीदेवी और रति अग्निहोत्री को मिलीं, लेकिन उन्हें 'राम तेरी गंगा मैली' ठुकराने का कुछ पछतावा है. राज कपूर के निर्देशन में बनी और राजीव कपूर के लीड रोल वाली यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट रही थी.

इस वजह से ठुकराई फिल्म

पद्मिनी ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्हें फिल्म में किसिंग सीन को लेकर थोड़ी हिचकिचाहट थी, इसी वजह से उन्होंने यह मौका छोड़ दिया. बाद में इस रोल के लिए मंदाकिनी को चुना गया, लेकिन पद्मिनी के मुताबिक, राज कपूर 45 दिन की शूटिंग पूरी होने के बाद भी उन्हें बदलने को तैयार थे.

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एक न्यूज पेपर से बात करते हुए पद्मिनी ने बताया, "मुझे 'एक दूजे के लिए' में रति अग्निहोत्री वाला रोल, 'सिलसिला' में रेखा वाला रोल और 'तोहफा' में श्रीदेवी वाला रोल ऑफर हुआ था, लेकिन किसी न किसी वजह से मैं ये फिल्में नहीं कर पाई. आपके पास जो भी फिल्म आती है, आप उसे कर नहीं सकते. लेकिन अगर कोई फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' (RTGM) जितनी बड़ी हिट हो जाए, तो आपको जरूर लगता है कि आपको भी उसका हिस्सा बनना चाहिए था. RTGM ने जबरदस्त कामयाबी हासिल की, मंदाकिनी ने भी बहुत अच्छा काम किया और फिल्म के गाने भी बहुत खूबसूरत थे. लेकिन राज जी मेरी हिचकिचाहट को समझते थे. उन्हें अच्छी तरह पता था कि मैं यह फिल्म क्यों नहीं कर रही हूं."

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‘राज कपूर ने शूटिंग के बीच भी किया कॉन्टैक्ट'

उन्होंने कहा कि फिल्म में ब्रेस्टफीडिंग वाले सीन से उन्हें कोई दिक्कत नहीं थी, क्योंकि जब इस प्रोजेक्ट को लेकर उनसे बात चल रही थी, तब स्क्रिप्ट में यह सीन था ही नहीं. लेकिन उन्हें किसिंग सीन को लेकर कुछ हिचकिचाहट थी. उन्होंने साफ किया कि इसका राजीव से 'कोई लेना-देना नहीं' था, बल्कि 'बात सिर्फ इतनी थी कि मैं ऑन-स्क्रीन किस करने में सहज महसूस नहीं करती थी.' उन्होंने आगे कहा, "इसके बावजूद, राज जी ने मंदाकिनी और बाकी कलाकारों के साथ 45 दिन का शेड्यूल पूरा करने के बाद भी मुझसे इस बारे में दोबारा सोचने के लिए कहा था."

भागकर की थी शादी 
फिल्मफेयर को दिए एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने बताया था कि उनके माता पिता उनकी शादी के खिलाफ थे. तब उन्होंने घर से भागकर शादी की. इसमें उनकी दोस्त पूनम ढिल्लो ने उनका साथ दिया था. दरअसल मुझे प्यार हो गया था जब मैं अपने पति टूटू से मिली. मुझे किसी भी हाल में उससे शादी करनी थी. 

  लता मंगेशकर के साथ एक बाल गायिका के तौर पर शुरुआत की थी
अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले पद्मिनी कोल्हापुरे ने अपने करियर की शुरुआत एक बाल गायिका के रूप में की थी. उन्होंने फिल्मों में कोरस गायिका के तौर पर अपनी आवाज दी, और यहां तक कि दिग्गज पार्श्व गायिका लता मंगेशकर के साथ भी गाया. उनकी संगीत प्रतिभा उन्हें विरासत में मिली है. उनके पिता, पंढरीनाथ कोल्हापुरे, एक प्रशिक्षित शास्त्रीय गायक थे और बॉलीवुड के संगीत निर्देशकों के लिए हारमोनियम बजाते थे.

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 15 साल की उम्र में मिला फिल्म फेयर अवॉर्ड
पद्मिनी ने फिल्म 'आहिस्ता आहिस्ता' (1981) में अपनी बेबाक अदाकारी से खूब सुर्खियां बटोरीं, लेकिन राज कपूर द्वारा निर्देशित फिल्म 'प्रेम रोग' (1982) में उनके दमदार किरदार ने उन्हें 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री' का फिल्मफेयर अवॉर्ड दिलाया. वह भी महज 15 साल की उम्र में. उनकी परिपक्वता और भावनात्मक गहराई ने दर्शकों और समीक्षकों को ही हैरान कर दिया.

प्रिंस चार्ल्स को हग करने पर किया गया बैन 
1980 में पब्लिक कार्यक्रम के दौरान पद्मिनी ने प्रिंस चार्ल्स का स्वागत गले लगाकर किया.   इससे उस समय देश में विवाद खड़ा हो गया. इसे 'बोल्ड' और 'गैर-पारंपरिक' माना गया, जिसके कारण उन्हें कुछ समय के लिए लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा. बताया जाता है कि उनकी इस 'बोल्डनेस' के कारण कुछ फिल्म निर्माताओं ने उन्हें बैन भी कर दिया था. 

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वह श्रद्धा कपूर की मौसी हैं एक्ट्रेस 
कम ही लोगों को पता है कि वह श्रद्धा कपूर की मौसी हैं. उनकी बहन शिवांगी कोल्हापुरे, श्रद्धा की मां हैं.  वहीं मशहूर विलेन शक्ति कपूर उनके जीजा हैं.  

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