मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने बताया है कि उनके अंतिम दर्शन लोअर परेल स्थित उनके आवास पर होंगे. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मेरी मां का आज निधन हो गया. लोग कल सुबह 11:00 बजे लोअर परेल स्थित 'कासा ग्रांडे' में उनके अंतिम दर्शन कर सकते हैं, जहां वे रहती थीं. उनका अंतिम संस्कार कल शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा."
उनकी बड़ी बहन, भारत रत्न से सम्मानित लता मंगेशकर का अंतिम संस्कार भी 2022 में शिवाजी पार्क में ही किया गया था. आशा भोसले का रविवार को मुंबई में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया. गायिका को शनिवार को ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. महाराष्ट्र के संस्कृति मंत्री आशीष शेलार ने अस्पताल के बाहर इस बात की घोषणा की. उनका अंतिम संस्कार सोमवार शाम 4:00 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा.
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अपने समय की सबसे प्रभावशाली गायिकाओं में से एक आशा भोसले ने अपना पहला पार्श्व गीत 1943 की मराठी फिल्म 'माझा बाल' के लिए गाया था. उन्हें कई यादगार गीतों में अपनी आवाज देने के लिए जाना जाता है. 'चुरा लिया है तुमने जो दिल को', 'दो लफ़्ज़ों की है दिल की कहानी', 'क्या ग़ज़ब करते हो जी', 'ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाली जाने जहां', और 'ये लड़का हाय अल्लाह कैसा है दीवाना' उनके कुछ हिट गाने हैं. हिंदी के अलावा, उन्होंने लगभग 20 भारतीय और विदेशी भाषाओं में भी गीत गाए हैं.
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2006 में आशा भोसले ने खुद बताया था कि उनके नाम लगभग 12,000 गीत दर्ज हैं. कई दशकों के अपने गायन करियर के दौरान आशा भोसले ने शंकर-जयकिशन, आर.डी. बर्मन, ओ.पी. नैयर, इलैयाराजा, बप्पी लाहिड़ी और ए.आर. रहमान जैसे कई जाने-माने संगीतकारों के साथ काम किया. अपने करियर के दौरान, उन्हें अपने कई यादगार गीतों के लिए ढेरों पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. उन्हें वर्ष 2000 में प्रतिष्ठित दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, जिसके बाद 2008 में उन्हें पद्म विभूषण मिला.