लेजेंडरी सिंगर आशा भोसले के निधन के नौ दिन बाद उनके अस्थि विसर्जन का भावुक क्षण वाराणसी के गंगा घाट पर देखा गया. 12 अप्रैल 2026 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका देहांत हो गया था. परिवार ने गंगा नदी में उनकी अस्थियां विसर्जित कर अंतिम संस्कार पूरा किया. इस दौरान आशा भोसले की पोती जनाई भोसले बुरी तरह दुखी नजर आईं. दादी के सबसे करीबी बताई जाने वाली जनाई ने अस्थि कलश संभाला और घाट पर पहुंचकर अंतिम विदाई देते समय सुबक-सुबककर रो पड़ीं.
जनाई के पिता आनंद भोसले भी उनके साथ थे और उन्होंने पारंपरिक रीतियों का निर्वाह किया. वीडियो में जनाई का दर्द साफ झलक रहा है, जो देखकर कोई भी भावुक हो जाए. जनाई अपनी दादी को सिर्फ दादी नहीं, अपनी सबसे अच्छी दोस्त और जीवन का प्यार मानती थीं. पहले उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट में लिखा था, “जब मैं सुबह उठी तो एहसास हुआ कि मैंने अपनी सबसे अच्छी दोस्त, साथी और वो शख्सियत खो दी है जिसने मेरी दुनिया को पूरा किया और जन्म के समय मुझे सबसे पहले गोद में लिया था. अब मैं किसे गले लगाऊंगी, चाय के साथ किसके साथ बैठूंगी, घर आने पर किसका इंतजार करूंगी और मजाक किसे सुनाऊंगी? मैंने अपने जीवन का सबसे बड़ा प्यार खो दिया है, इससे बड़ा दुख दुनिया में और कुछ नहीं.”
वाराणसी घाट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोग जनाई को सांत्वना दे रहे हैं और लिख रहे हैं कि “यह गुडबाय कितना मुश्किल होता है, हम समझ सकते हैं” और “दादी नहीं, एक खूबसूरत दुनिया हमसे अलग हो गई”. कई फैंस ने उन्हें मजबूत रहने की सलाह भी दी. आशा भोसले की आवाज ने दशकों तक करोड़ों दिलों को छुआ था. उनका जाना न सिर्फ संगीत जगत के लिए, बल्कि परिवार के लिए भी अपूरणीय क्षति है.
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