अमिताभ बच्चन की सबसे यादगार फिल्मों में से एक है 'दीवार'. फिल्म में एक ऐसा पल है जो आज भी दशकों के जहन में बसा हुआ है. फिल्म में अमिताभ बच्चन का किरदार यानी विजय ने एक ऐसी डील में एक ऊंची इमारत खरीदी, जिसका आर्थिक रूप से कोई खास मतलब नहीं बनता था. लेकिन यह फैसला भावनाओं की वजह से था. बचपन में उसने अपनी मां को उसी इमारत में एक मजदूर के तौर पर काम करते देखा था. उसने वह इमारत अपनी मां को तोहफे में देने के लिए खरीदी थी. यह एक ऐसा सीन है जिस पर आज भी दर्शक तालियां बजाते हैं. उस पल का असर सिर्फ दर्शकों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने बच्चन के बेटे अभिषेक बच्चन को भी गहराई से प्रभावित किया, इसका उन्होंने 'फोर्ब्स इंडिया' के साथ बातचीत में जिक्र किया. अभिषेक बच्चन ने खुलासा किया कि फिल्म Deewaar में उनके पिता का यह आइकॉनिक रोल आज भी उनके बिजनेस फैसलों को प्रभावित करता है.
‘विजय' सिर्फ किरदार नहीं, एक भावना है
अभिषेक बच्चन ने कहा कि दीवार का ‘विजय' उनके लिए सिर्फ एक फिल्मी किरदार नहीं है, बल्कि एक भावना और सोच का प्रतीक है. उन्होंने बताया कि जब भी वे किसी प्रोजेक्ट या बिजनेस से जुड़ा फैसला लेते हैं, तो कहीं न कहीं उस किरदार की छवि उनके दिमाग में रहती है.
पिता से मिली प्रेरणा
अभिषेक ने यह भी माना कि Amitabh Bachchan का हिंदी सिनेमा में काम और उनके किरदारों की गहराई हमेशा से उनके लिए प्रेरणा रही है. Deewaar का ‘विजय' ईमानदारी, संघर्ष और आत्मसम्मान का प्रतीक है, जो उन्हें सही फैसले लेने के लिए प्रेरित करता है. उन्होंने पापा कि यह फिल्म देखी और इसका प्रभाव उनके जीवन पर हमेशा रहा,
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‘इसके पीछे इमोशन है'
अभिषेक बच्चन ने कहा, “जब आप ऐसे किरदार के साथ बड़े होते हैं, तो वह आपके व्यक्तित्व का हिस्सा बन जाता है. मेरे फैसलों के पीछे सिर्फ लॉजिक नहीं, बल्कि इमोशन भी होता है. उसमें ‘विजय' की झलक जरूर होती है.”
बता दें कि क्लासिक फिल्म Deewaar का असर आज की पीढ़ी के स्टार्स के निजी और प्रोफेशनल जीवन में भी देखने को मिलता है. फिल्म अमिताभ बच्चन के करियर के लिए मिल का पत्थर साबित हुई. वहीं बॉक्स ऑफिस पर भी हिट रही.