700 फिल्मों में काम, 100 से ज्यादा एक्टर की बनीं मां, 20 की उम्र से ही निभाने लगीं मम्मी के रोल, पता है नाम?

700 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाली इस अभिनेत्री ने 100 से ज्यादा कलाकारों की मां का किरदार निभाकर सिनेमा में अलग पहचान बनाई. अपने शानदार अभिनय से वो दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज करती रहीं.

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60 साल का फिल्मी करियर, 700 फिल्में, दिग्गज सुपरस्टार्स की मां का निभाया रोल
नई दिल्ली:

फिल्मों में हीरो बदलते रहे, कहानियां बदलती रहीं, लेकिन एक चेहरा ऐसा था जिसे देखते ही दर्शकों को मां की ममता महसूस होने लगती थी. पर्दे पर उनकी एंट्री होते ही सीन में अपनापन आ जाता था. वो ऐसी एक्ट्रेस थीं जिन्होंने सिर्फ मां का किरदार नहीं निभाया, बल्कि उसे जिया भी है. 60 साल लंबे करियर में उन्होंने 700 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और 100 से ज्यादा कलाकारों की मां बनीं. सबसे दिलचस्प बात ये रही कि कई बार उन्होंने अपने से बड़ी उम्र के एक्टर्स की मां का रोल भी निभाया और दर्शकों ने हर बार उन्हें उसी प्यार के साथ अपनाया.

कौन थीं 100 से ज्यादा सितारों की मां बनीं एक्ट्रेस

ये एक्ट्रेस थीं मलयालम सिनेमा की दिग्गज कलाकार कवियूर पोनम्मा. साल 1945 में केरल के कवियूर गांव में जन्मीं कवियूर पोनम्मा बचपन से गायिका बनना चाहती थीं. उनके पिता ने भी उनका खूब साथ दिया और संगीत की शिक्षा दिलाई. बाद में उन्होंने थिएटर जॉइन किया और केरल पीपुल्स आर्ट्स क्लब के नाटकों में काम करना शुरू किया. यहीं से उनकी एक्टिंग ने लोगों का ध्यान खींचा.

17 साल की उम्र में फिल्मों में रखा कदम

सिर्फ 17 साल की उम्र में उन्होंने फिल्म ‘श्रीराम पट्टाभिषेकम' से फिल्मों में कदम रखा. इसके बाद उन्हें कई फिल्मों के ऑफर मिलने लगे, लेकिन उनकी जिंदगी बदलने वाली फिल्म थी ‘थोम्मांटे मक्कल'. जिस उम्र में एक्ट्रेसेस हीरोइन बनने के सपने देखती हैं, उस उम्र में कवियूर पोनम्मा ने मां का रोल निभा लिया था. वो सिर्फ 20 साल की थीं जब उन्होंने फिल्म में मां का किरदार किया. दिलचस्प बात ये थी कि जिन कलाकारों की मां बनीं, उनमें कुछ उनसे उम्र में काफी बड़े थे.

बड़े-बड़े सितारों की बनीं ऑनस्क्रीन मां

उन्होंने मोहनलाल, ममूटी, कमल हासन, श्रीदेवी, सुरेश गोपी और जयराम जैसे कई बड़े सितारों की मां का किरदार निभाया. उनकी और मोहनलाल की जोड़ी को दर्शकों ने सबसे ज्यादा पसंद किया. पर्दे पर दोनों का रिश्ता इतना असली लगता था कि लोग उन्हें सच में मां-बेटा समझ लेते थे. कई बार कलाकार एक जैसे रोल करते-करते टाइपकास्ट हो जाते हैं, लेकिन कवियूर पोनम्मा ने मां के किरदार को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया. वो जिस फिल्म में होती थीं, उसमें अपनापन और भावनाएं अपने आप आ जाती थीं.

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700 फिल्मों के बाद हमेशा के लिए हो गईं खामोश

उन्होंने ‘किरीदम', ‘चेंकोल', ‘भारतम', ‘संदेशम', ‘नंदनम' और ‘तेनमाविन कोम्बथ' जैसी कई शानदार फिल्मों में काम किया. अपने शानदार अभिनय के लिए उन्हें चार बार केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड भी मिला. 20 सितंबर 2024 को कोच्चि के एक निजी अस्पताल में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया. वो 79 साल की थीं. लेकिन पर्दे पर मां की ममता को जिस खूबसूरती से उन्होंने जिया, वो उन्हें हमेशा अमर बनाए रखेगा.

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