कल्पना कीजिए, बचपन की उन दोपहरों को जब टीवी पर "बाय द पावर ऑफ ग्रेस्कल!" की गूंज सुनते ही हमारा दिल जोश से भर जाता था. स्वॉर्ड ऑफ पावर हाथ में लेकर ही-मैन स्केलेटर से लोहा लेता, और हम भी उसके साथ एटर्निया की उस जंग का हिस्सा बन जाते. अब वो बचपन की सुपरहीरो 2026 में बड़े पर्दे पर लौट रहा है और फिल्म का नाम है मास्टर्स ऑफ द यूनिवर्स (भारत में फिल्म में 'ही-मैन ऐंड द मास्टर्स ऑफ द यूनिवर्स'). 5 जून 2026 को रिलीज हो रही ये फिल्म न सिर्फ नॉस्टेल्जिया का तूफान ला रही है, बल्कि नई जेनरेशन को भी एक्शन, जादू और दोस्ती का नया सबक देती नजर आएगी.
'ही-मैन ऐंड द मास्टर्स ऑफ द यूनिवर्स' का बजट
बजट की बात करें तो ये कोई मामूली फिल्म नहीं है. ही-मैन मास्टर्स ऑफ द यूनिवर्स का बजट लगभग 200 मिलियन डॉलर (करीब 1900 करोड़ रुपये) है. इतना भारी-भरकम बजट वीएफएक्स, एक्शन सीक्वेंस और विशाल सेट्स पर खर्च हुआ है. ट्रैविस नाइट की फिल्म में निकोलस गैलित्जिन प्रिंस एडम यानी ही-मैन बने हैं, जैरेड लेटो स्केलेटर, कैमिली मेंडेस टीला और इदरिस अल्बा मैन-एट-आर्म्स. 1980 के दशक के इस आइकॉन को मॉडर्न ट्विस्ट के साथ पेश किया जा रहा है, जहां एडम पृथ्वी पर बड़ा होता है, अपनी असली पहचान भूल जाता है, और फिर ग्रेस्कल की शक्ति से एटर्निया को बचाने लौटता है.
बॉलीवुड के स्टार बाप-बेटे बने हीरो और विलेन
हिंदी डबिंग की बात करें तो ये भारतीय दर्शकों के लिए खास तोहफा है. जावेद जाफरी ने फिर से स्केलेटर को अपनी आवाज दी है. इसमें स्केलेटर की डबिंग जावेद जाफरी ने की है जबकि मीजान जाफरी ने ही-मैन की डबिंग की है. इस तरह बाप बेटे की जोड़ी का घमासान इसमें देखने को मिलेगा.
'ही-मैन ऐंड द मास्टर्स ऑफ द यूनिवर्स' हिंदी ट्रेलर
जावेद जाफरी को याद आए पुराने दिन
जावेद जाफरी ने फिल्म में डबिंग को लेकर कहा था, 'ही-मैन ऐंड द मास्टर्स ऑफ द यूनिवर्स' 90 के दशक की पॉप कल्चर का बहुत बड़ा हिस्सा था. मुझे आज भी याद है कि मेरे बच्चे और मैं साथ बैठकर टीवी पर यह कार्टून देखा करते थे. स्केलेटर हमेशा से एक बेहद आइकॉनिक विलेन रहा है, ड्रामेटिक, खतरनाक और यादगार. इतने साल बाद इस किरदार को अपनी आवाज़ देना मेरे लिए बेहद नॉस्टैल्जिक और खास अनुभव है.' जावेद जाफरी पहले भी इसके लिए डब कर चुके हैं.
जावेद जाफर और उनके बेटे मीजान जाफरी
मीजान बोले 'पापा मेरे हमसफर'
मीजान जाफरी ने ही-मैन बनने पर कहा, 'ही-मैन को हिंदी में आवाज देना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है. बचपन में मैं पापा के साथ बैठकर यह शो देखा करता था और पूरी तरह उसकी दुनिया में खो जाता था. आज उसी ही-मैन की आवाज बनना मेरे लिए बेहद इमोशनल और स्पेशल है. सबसे खास यह है कि इस सफर में मेरे पापा भी मेरे साथ हैं, बिल्कुल पुराने दिनों की तरह.'
कैसे हुआ ही-मैन का जन्म?
1980 में अमेरिका की टॉय कंपनी मैटेल को लड़कों के लिए नया एक्शन फिगर लाइन की जरूरत महसूस हुई. उस समय लड़कियों के लिए बार्बी चल रही थी, लेकिन लड़कों के लिए कुछ ताकतवर और रोमांचक चाहिए था. डिजाइनर मार्क टेलर ने अपने बचपन के स्केच और कोनन द बारबेरियन जैसी कहानियों से प्रेरित होकर एक ताकतवर योद्धा को क्रिएट किया. शुरू में इसका नाम तोराक रखा गया था.
फिर दूसरे डिजाइनर रोजर स्वीट ने इसे और बेहतर बनाया. उन्होंने कंपनी के पुराने बिग जिम खिलौनों को तोड़-जोड़कर एक प्रोटोटाइप तैयार किया और मैटेल के बॉस को दिखाया. रोजर स्वीट ने इसे ही-मैन नाम दिया, मतलब 'सबसे ताकतवर इंसान.' 1981 में ऑफिशली मास्टर्स ऑफ द यूनिवर्स टॉय लाइन लॉन्च हुई. 1983 में फिल्मेशन स्टूडियो ने कार्टून सीरीज बनाई. एक साधारण खिलौने से शुरू हुई ये कहानी जल्द ही 80s में एक जूनून बन गई.
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'ही-मैन ऐंड द मास्टर्स ऑफ द यूनिवर्स' 5 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. फिल्म को इंग्लिश, हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम में रिलीज किया जा रहा है. इसे आईमैक्स पर भी देखा जा सकेगा. अब देखना यह है कि पुराना हीरो नई जनरेशन को अपने जादू में कितना बांध पाता है.