वह 10 दिसंबर 1988 का दिन था जब 15 साल के किशोर सचिन तेंदुलकर ने प्रथम श्रेणी मैच खेलने के लिये मैदान पर कदम रखा और अगले दिन अपना पहला शतक जड़ा।
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New Delhi:
वह 10 दिसंबर 1988 का दिन था जब 15 साल के किशोर सचिन तेंदुलकर ने प्रथम श्रेणी मैच खेलने के लिये मैदान पर कदम रखा और अगले दिन अपना पहला शतक जड़ा। इसके बाद तेंदुलकर के नाम पर शतक दर शतक जुड़ते रहे लेकिन 22 साल गुजरने के बाद भी शतकों के बादशाह को पहले तिहरे शतक का इंतजार है। तेंदुलकर ने इन 22 वर्षों में बल्लेबाजी के कई रिकॉर्ड अपने नाम किए लेकिन कई ऐसे रिकॉर्ड भी हैं जो हमेशा उनकी जद से बाहर रहेंगे। भारतीय रन मशीन ने अब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 99, प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 78 और तीनों तरह के प्रारूप में कुल मिलाकर 138 शतक जमाए हैं लेकिन इनमें तिहरा शतक शामिल नहीं है। मास्टर ब्लास्टर से जब हाल में इस बारे में सवाल किया गया था तो उनका सरल जवाब था कि उन्हें भी प्रत्येक बल्लेबाज की तरह रन बनाना पसंद है और वह भी तिहरा शतक जमाना चाहते हैं। तेंदुलकर हालांकि व्यक्तिगत उपलब्धियों पर टीम को हमेशा तरजीह देते रहे हैं। तेंदुलकर का टेस्ट क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर नाबाद 248 रन है जो उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ 2004 में ढाका में बनाया था। यह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी उनका उच्चतम स्कोर है जिसका मतलब है कि यह स्टार बल्लेबाज अभी तक कभी 250 रन की संख्या को नहीं छू पाया है। उनके नाम पर टेस्ट मैचों में छह दोहरे शतक दर्ज हैं लेकिन इनमें से कुछ अवसरों पर ही वह तिहरे शतक बनाने की स्थिति में पहुंचे थे। बांग्लादेश के खिलाफ जब उन्होंने अपने कैरियर का सर्वाधिक स्कोर बनाया तब पूरी टीम आउट हो गयी थी और वह दूसरे छोर पर नाबाद रहे थे। तेंदुलकर के पास 2010 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में तिहरा शतक बनाने का अच्छा मौका था लेकिन तब वह 203 रन बनाकर आउट हो गए थे। भारत ने तब उनके आउट होने के बाद भी 100 से अधिक रन बनाए थे। तेंदुलकर हालांकि जब केवल 14 साल के थे तब उन्होंने स्कूली क्रिकेट में तिहरा शतक जमाया था। उन्होंने शारदाश्रम विद्यामंदिर की तरफ से सेंट जेवियर स्कूल के खिलाफ आजाद मैदान पर नाबाद 326 रन की पारी खेली थी। यह वही मैच था जिसमें कांबली और तेंदुलकर ने रिकार्ड 664 रन की साझेदारी की थी। तिहरा शतक तो अभी तेंदुलकर की जद में है लेकिन कई ऐसे रिकॉर्ड हैं जिनसे रिकार्डों के बादशाह मीलों पीछे हैं। इनमें प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सर्वाधिक रन (61760) और सर्वाधिक शतक (199) का जैक हाब्स का रिकार्ड, विल्फ्रेड रोड्स का 30 साल का अंतरराष्ट्रीय कैरियर और 1110 प्रथम श्रेणी मैच खेलने का रिकॉर्ड तथा ब्रायन लारा का प्रथम श्रेणी (नाबाद 501) और टेस्ट मैच (नाबाद 400 रन) की सर्वोच्च पारी का रिकॉर्ड प्रमुख है। तेंदुलकर ने अब तक 280 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 23585 रन बनाए हैं। इसमें 78 शतक और 105 अर्धशतक शामिल हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सर्वाधिक अर्धशतक फ्रैंक वूली (295) के नाम पर दर्ज हैं।