प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इंचियोन एशियाई खेलों के पदक विजेताओं से अपने निवास पर नाश्ते पर मुलाकात की और कहा कि देश के लिए खिलाड़ियों का भी वही योगदान है जो राजनेताओं का।
मोदी ने बैठक के बाद ट्विटर पर कहा, 'एशियाई खेल 2014 में पदक जीतने वाले हमारे खिलाड़ियों से अच्छी बातचीत हुई। वे वाकई भारत का गर्व हैं।' इस मौके पर खेलमंत्री सर्वानंद सोनोवाल भी मौजूद थे। भारत ने इंचियोन एशियाई खेलों में 11 स्वर्ण समेत 57 पदक जीते और वह आठवें स्थान पर रहा।
मोदी ने एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि खिलाड़ियों में ऊर्जा और उत्साह के इस संयोजन से देश के लिए अच्छे नतीजे आएंगे।
भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा हाल ही में मंगलायन के सफल लांच का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक खिलाड़ी की उपलब्धि भी भारतीयों को उसी तरह सम्मान और गौरव की अनुभूति देती है।
उन्होंने वहां मौजूद खिलाड़ियों से उन्हें सलाह देने और कुछ खास मसले पर बात करने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर उनसे संपर्क करने के लिए भी कहा।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार मोदी ने कहा कि खिलाड़ी उन्हें अपना 'दोस्त' समझें। उन्होंने 'स्वच्छ भारत अभियान' मुहिम में मुक्केबाज एम सी मेरीकाम और सचिन तेंदुलकर द्वारा किए जा रहे प्रयासों की तारीफ की। मोदी ने कहा कि इन दोनों ने जब झाड़ू लगाया तो उन्हें लोगों ने उनसे भी ज्यादा देखा।
विज्ञप्ति में कहा गया, 'उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का देश के लिये वही योगदान है जो राजनेताओं का।' प्रधानमंत्री ने कहा कि कारपोरेट जगत अब खेलों को बढावा देने के लिये आगे आ रहा है जो भविष्य के लिये अच्छी बात है। उन्होंने पुरस्कृत खिलाड़ियों से युवाओं को प्रेरित करने के लिये विश्वविद्यालयों में परिचर्चाओं में भाग लेने को कहा।
उन्होंने खिलाड़ियों से अपने आचरण को लेकर सतर्क रहने का अनुरोध करते हुए कहा कि उनकी एक गलती से पूरे देश का नाम खराब होता है।
सोनोवाल ने भी इस मौके पर संबोधित किया जबकि मेरीकाम ने आभार व्यक्त किया।
सोनोवाल ने कहा, 'माननीय प्रधानमंत्री खिलाड़ियों की तैयारियों में काफी दिलचस्पी ले रहे थे और मुझसे पूछते रहते थे कि 'अरे भाई, कैसा चल रहा है।' उन्होंने कहा, 'जैसा कि आपको पता है कि ओलिंपिक 2016 निकट है और हमें यह प्रण लेना चाहिए कि आगामी ओलिंपिक में देश के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। यदि हमारे पड़ोसी देश चीन, जापान, कोरिया और कजाखस्तान हमसे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं तो हम क्यों पीछे रहें।'
उन्होंने कहा, 'सरकार अपने खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ सुविधायें मुहैया कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। हम पेशेवरपन के अभाव के आरोपों का सामना करने वाली व्यवस्था को साफ सुथरा बनाने को प्रतिबद्ध हैं।'
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