भारत को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के हाथों कांस्य पदक प्ले ऑफ मुकाबले में 2-3 की शिकस्त के साथ एक बार फिर चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट से खाली हाथ लौटना पड़ा।
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मेलबर्न:
भारत को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के हाथों कांस्य पदक प्ले ऑफ मुकाबले में 2-3 की शिकस्त के साथ एक बार फिर चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट से खाली हाथ लौटना पड़ा।
दूसरी तरफ, पाकिस्तान की टीम आठ साल में इस प्रतियोगिता में अपना पहला पदक जीतने में सफल रही। पाकिस्तान की ओर से मोहम्मद रिजवान जूनियर (22वें मिनट), शफकत रसूल (41वें मिनट) और मोहम्मद अतीक (66वें मिनट), जबकि भारत की ओर से वी रघुनाथ (7वें मिनट) और रूपिंदर पाल सिंह (70वें मिनट) ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागे।
तीन बार के चैंपियंस ट्रॉफी विजेता पाकिस्तान ने इस टूर्नामेंट में पिछला पदक लाहौर में 2004 में जीता था, जब उसने भारत को हराकर ही कांस्य पदक हासिल किया था। पाकिस्तान ने चैंपियंस ट्रॉफी में अपने पिछले चारों पदक भारत को हराकर ही जीते हैं। भारत को 2002, 2003, 2004 और अब 2012 में कांस्य पदक के मुकाबले में शिकस्त का सामना करना पड़ा।
लंदन ओलिंपिक में अंतिम स्थान पर रहने वाले भारत ने वाइल्ड कार्ड के आधार पर टूर्नामेंट में जगह बनाई थी। भारत ने जल्द ही बढ़त बना ली, जब वी रघुनाथ ने पेनल्टी कॉर्नर पर नीचे रहती ड्रग फ्लिक को बाएं कोने से गोल के अंदर पहुंचाया। पाकिस्तान ने इसके बाद दबाव बढ़ाते हुए भारतीय डिफेंस की मुश्किलें बढ़ाई, जबकि भारत के फॉरवर्ड कुछ मौकों को भुनाने में नाकाम रहे।
दूसरी तरफ, पाकिस्तान की टीम आठ साल में इस प्रतियोगिता में अपना पहला पदक जीतने में सफल रही। पाकिस्तान की ओर से मोहम्मद रिजवान जूनियर (22वें मिनट), शफकत रसूल (41वें मिनट) और मोहम्मद अतीक (66वें मिनट), जबकि भारत की ओर से वी रघुनाथ (7वें मिनट) और रूपिंदर पाल सिंह (70वें मिनट) ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागे।
तीन बार के चैंपियंस ट्रॉफी विजेता पाकिस्तान ने इस टूर्नामेंट में पिछला पदक लाहौर में 2004 में जीता था, जब उसने भारत को हराकर ही कांस्य पदक हासिल किया था। पाकिस्तान ने चैंपियंस ट्रॉफी में अपने पिछले चारों पदक भारत को हराकर ही जीते हैं। भारत को 2002, 2003, 2004 और अब 2012 में कांस्य पदक के मुकाबले में शिकस्त का सामना करना पड़ा।
लंदन ओलिंपिक में अंतिम स्थान पर रहने वाले भारत ने वाइल्ड कार्ड के आधार पर टूर्नामेंट में जगह बनाई थी। भारत ने जल्द ही बढ़त बना ली, जब वी रघुनाथ ने पेनल्टी कॉर्नर पर नीचे रहती ड्रग फ्लिक को बाएं कोने से गोल के अंदर पहुंचाया। पाकिस्तान ने इसके बाद दबाव बढ़ाते हुए भारतीय डिफेंस की मुश्किलें बढ़ाई, जबकि भारत के फॉरवर्ड कुछ मौकों को भुनाने में नाकाम रहे।
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