भारतीय खेल प्राधिकरण (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने इन रिपोर्टों को खारिज किया है कि इस महीने के आखिर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए नाबालिग मुक्केबाजों का गर्भ परीक्षण कराया गया।
साई ने कहा कि टीम में एक भी अंडर-18 मुक्केबाज नहीं है। साई महानिदेशक जिजि थॉमसन ने कहा, विश्व चैंपियनशिप में भागीदारी के लिए न्यूनतम आयुसीमा 19 वर्ष है, लिहाजा अवयस्कों के गर्भ परीक्षण का सवाल ही कहां पैदा होता है।
मीडिया रिपोर्टों में आरोप लगाया गया है कि बॉक्सिंग इंडिया ने 13 नवंबर से दक्षिण कोरिया में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में भाग लेने वाली मुक्केबाजों का जबरन गर्भ परीक्षण कराया और उनमें से कुछ नाबालिग भी थीं।
थॉमसन ने कहा, बॉक्सिंग इंडिया ने विश्व चैंपियनशिप के लिए चुनी गई मुक्केबाजों का साई के डॉक्टरों के जरिये गर्भ परीक्षण कराया, चूंकि खिलाउि़यों और उनके कोचों से ऐसा औपचारिक अनुरोध मिला था। हम सिर्फ एआईबीए के दिशा निर्देशों का पालन कर रहे थे।
उन्होंने कहा, नाबालिगों के गर्भ परीक्षण की बात सरासर झूठ है और हम अनावश्यक विवाद पैदा करने के इन प्रयासों की कड़ी निंदा करते हैं।
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