कोच्चि ने गेंदबाजों ने गजब का जज्बा दिखाया जिससे उनकी टीम ईडन गार्डन्स की धीमी पिच पर केकेआर को छह रन से हराने में सफल रही।
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कोलकाता:
रविदंर जडेजा के ऑलराउंड खेल से कोच्चि टस्कर्स केरल ने बुधवार को कोलकाता नाइटराइडर्स का विजय रथ रोक दिया। कोच्चि ने गेंदबाजों ने गजब का जज्बा दिखाया जिससे उनकी टीम ईडन गार्डन्स की धीमी पिच पर केकेआर को छह रन से हराने में सफल रही। कोच्चि टास गंवाने के बाद जब पहले बल्लेबाजी के लिये उतरा तो जडेजा ने 29 रन बनाये और बाद में 25 रन देकर दो विकेट लिये जिससे उनकी टीम पांचवें मैच में तीसरी जीत दर्ज करने में सफल रही। कोलकाता ने लगातार तीन जीत के बाद हार का स्वाद चखा। नाइटराइडर्स के स्पिनरों साकिब अल हसन और यूसुफ पठान ने तीन-तीन विकेट लेकर कोच्चि को सात विकेट पर 132 रन ही बनाने दिये। इसमें जडेजा के अलावा कोच्चि के कप्तान महेला जयवर्धने के 25 और ब्रैंडन मैकुलम का 23 रन का योगदान भी शामिल है। कोलकाता के बल्लेबाज हालांकि अपनी पिच से सामंजस्य नहीं बिठा पाये जो अपने धीमे मिजाज के कारण आलोचकों के निशाने पर है। छोटे दादा यानी मनोज तिवारी (46) ने उसकी उम्मीदें बनाए रखी लेकिन कोई भी अन्य बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे पाया और उसकी टीम नौ विकेट पर 126 रन ही बना पाई। कोच्चि के गेंदबाजों की तारीफ करनी होगी जिन्होंने कम लक्ष्य का अच्छी तरह से बचाव किया। उसकी तरफ से जडेजा और आरपी सिंह ने दो-दो जबकि विनयकुमार, मुथया मुरलीधरन और रमेश पोवार ने एक-एक विकेट लिया। खेल बढ़ने के साथ पिच धीमी पड़ती गयी और ऐसे में नाइटराइडर्स की शुरुआत बेहद खराब रही। उसने केवल 37 रन तक तीन विकेट गंवा दिये थे जिसमें अनुभवी जाक कैलिस और कप्तान गौतम गंभीर का विकेट भी शामिल था। केकेआर के मध्यक्रम को इस टूर्नामेंट में पहली बार परीक्षा से गुजरना पड़ा जिसमें वह असफल रहा। तिवारी और इयोन मोर्गन (10) ने धर्य से बल्लेबाजी करते हुए चौथे विकेट के लिये 36 रन जोड़े लेकिन 28 रन के अंदर चार विकेट गंवाने से नाइटराइडर्स की उम्मीदों पर पानी फिर गया। मोर्गन को स्पिनरों को खेलने में दिक्कत हो रही थी लेकिन वह रन आउट हुए। साकिब अल हसन पहली बार आईपीएल में बल्लेबाजी के लिए उतरे लेकिन केवल दो रन बनाकर आरपी सिंह की नीची रहती फुलटास पर बोल्ड हो गए। यूसुफ पठान (8) ने पोवार पर अपेक्षानुरूप छक्का भी जड़ा लेकिन अगली ही गेंद उनके बल्ले का उपरी किनारा लेकर शार्ट थर्डमैन पर मुरलीधरन के पास चली गयी। अब तिवारी पर पूरा दारोमदार था लेकिन जडेजा की चतुराई भरी गेंदबाजी से वह भी स्टंप आउट होकर पवेलियन लौट गये। उन्होंने 51 गेंद खेली तथा दो चौके और दो छक्के लगाए। कोलकाता को आखिरी ओवर में 14 रन की दरकार थी लेकिन उसके बल्लेबाज रजत भाटिया और इकबाल अब्दुल्ला बड़े शाट खेलने में नाकाम रहे और केवल सात रन ही बना पाए। इससे पहले मैकुलम और जयवर्धने ने कोच्चि को अच्छी शुरुआत दिलाई और पहले विकेट के लिए सात ओवर में 49 रन जोड़े लेकिन छह गेंद के अंदर दोनों के पवेलियन लौटने से टीम दबाव में आ गई। ट्वेंटी-20 क्रिकेट में सर्वाधिक रन का रिकार्ड रखने वाले ब्रैड हाज भी अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप प्रदर्शन करने में नाकाम रहे और आठ गेंद पर दो रन बनाने के बाद पठान की गेंद पर बोल्ड हो गये। पठान का यह ओवर मेडन रहा जबकि अगले ओवर में उन्होंने पार्थिव पटेल (9) को पगबाधा आउट किया। कोच्चि ने चोटी के चार विकेट 65 रन पर गंवा दिये थे लेकिन जडेजा और निचले क्रम के बल्लेबाजों के योगदान से वह सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में सफल रहा। जडेजा ने लक्ष्मीपति बालाजी पर लांग आन पर छक्का जड़ने के बाद पठान और साकिब की गेंद भी सीमा रेखा पार छह रन के लिए भेजी। साकिब ने इसी ओवर में केदार जाधव (12) को बोल्ड किया जबकि अन्य गेंदबाजों की तुलना में महंगे साबित हुए ब्रेट ली ने जडेजा के तेवरों पर विराम लगाया। जडेजा ने आगे बढ़कर गेंद लांग आन बाउंड्री की तरफ हवा में उछाल दी लेकिन पठान ने उसे कैच में तब्दील कर दिया। उन्होंने 18 गेंद खेली तथा एक चौका और तीन छक्के लगाए। साकिब ने आर विनयकुमार (11) को बोल्ड करके अपना तीसरा विकेट लिया लेकिन इससे पहले रैफी गोमेज (नाबाद 10) ने उनकी स्क्वायर लेग पर छह रन के लिये भेजी। गंभीर ने केवल पांच गेंदबाजों का उपयोग किया और यहां तक कि ऑलराउंडर कैलिस और रजत भाटिया को भी गेंद नहीं सौंपी।