अगले महीने 16 जनवरी से होने वाली पहली हॉकी इंडिया लीग के लिए खिलाड़ियों की नीलामी रविवार को दिल्ली में शुरू हो गई जिसमें भारतीय कप्तान और स्टार मिडफील्डर सरदार सिंह पहले दौर में सबसे महंगे बिके। उन्हें दिल्ली वेवराइडर्स फ्रेंचाइजी ने 78000 डॉलर में खरीदा।
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नई दिल्ली:
अगले महीने 16 जनवरी से होने वाली पहली हॉकी इंडिया लीग के लिए खिलाड़ियों की नीलामी रविवार को दिल्ली में शुरू हो गई जिसमें भारतीय कप्तान और स्टार मिडफील्डर सरदार सिंह पहले दौर में सबसे महंगे बिके। उन्हें दिल्ली वेवराइडर्स फ्रेंचाइजी ने 78000 डॉलर में खरीदा।
पहले दौर में सबसे हैरानी हुई जब स्टार ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह के लिए किसी ने बोली नहीं लगाई। उन्हें 27800 की बेसप्राइज पर मुंबई मैजिशियंस ने खरीदा जिसके कोच ऑस्ट्रेलिया के रिक चार्ल्सवर्थ है। आइकन खिलाड़ी होने के नाते हालांकि संदीप को अपनी टीम के सबसे महंगे खिलाड़ी से 15 प्रतिशत अधिक भुगतान होगा।
पहले दौर में कुल 246 में से 28 खिलाड़ियों की बोली लगी जिनमें से तीन को किसी से नहीं खरीदा।
पहले दौर में सबसे महंगे बिके सरदार ने कहा, ‘‘पहली बार हॉकी में इस तरह की चीज देख रहा हूं और बहुत मजा आ रहा है। मुझे खुशी है कि मेरी अच्छी बोली लगी लेकिन मैं चाहूंगा कि दूसरे खिलाड़ियों पर भी इसी तरह बोली लगाई जाए।’’ पांचों आइकन खिलाड़ियों के लिए मूक बोली लगाई गई जिसमें फ्रेंचाइजी ने लिखकर अपनी बोली लगाई। आइकन खिलाड़ियों में सरदार के अलावा ऑस्ट्रेलियाई कप्तान जैमी ड्वायेर, इस साल एफआईएच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए जर्मनी के मौरित्ज फुत्र्से, हालैंड के टान दे नूयेर, भारतीय ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह शामिल थे। सरदार का बेसप्राइज 27800 डॉलर था।
दिल्ली फ्रेंचाइजी के मालिक वेव समूह के अमर सिन्हा ने कहा, ‘‘हमारा मकसद सरदार को हर हालत में खरीदना था और यही वजह है कि हमने इतनी महंगी बोली लगाई। हमें उम्मीद है कि उनका अपार अनुभव टीम के लिए उपयोगी साबित होगा।’’ ड्वायेर का बेसप्राइज 25000 डॉलर था जिन्हें जेपी पंजाब वारियर्स ने 60000 डॉलर में खरीदा। फुत्र्से का बेसप्राइज 25000 डॉलर था और उन्हें रांची राइनोज ने 75500 डॉलर में खरीदा। वह पहले दौर में सबसे महंगे बिकने वाले दूसरे खिलाड़ी थे। नूयेर का बेसप्राइज 25000 डॉलर था जिन्हें उत्तर प्रदेश विजार्डस ने 66000 डॉलर में खरीदा।
भारत के अनुभवी फॉरवर्ड तुषार खांडेकर भी काफी कम कीमत पर बिके। उन्हें उप्र फ्रेंचाइजी ने 14000 डॉलर (बेसप्राइज 13900) ने खरीदा। हालैंड के रोलैंट ओल्टमांस को कोच बनाने वाली सहारा समूह की इस फ्रेंचाइजी ने पहले दौर में फॉरवर्ड एसके उथप्पा को 25000 डॉलर (बेसप्राइज 9250), प्रधान सोमन्ना को 14000 डॉलर (बेसप्राइज 5600) और नितिन थिमैयया को 27500 डॉलर (बेसप्राइज 5600) में खरीदा।
भारत के स्टार फॉरवर्ड एसवी सुनील का बेसप्राइज 13900 डॉलर था जिन्हें पंजाब वॉरियर्स ने 42000 डॉलर में खरीदा।
युवा फॉरवर्ड युवराज वाल्मीकि को दिल्ली ने 18500 डॉलर (बेसप्राइज 9250) ने खरीदा। दिल्ली ने उप्र को पछाड़कर गुरबाज सिंह को 36000 डॉलर (बेसप्राइज 18550) में खरीदा। भारत के मिडफील्डर कोथाजीत सिंह (33000 डॉलर) और बीरेंद्र लाकड़ा (41000 डॉलर) को रांची ने खरीदा। पाकिस्तानी मिडफील्डर मोहम्मद रशीद को 41000 डॉलर (बेसप्राइज 25000) में मुंबई ने खरीदा जबकि फॉरवर्ड अली शाह पर किसी ने बोली नहीं लगाई। उनके अलावा स्पेन के पोल अमाट और न्यूजीलैंड के शिया मैकालीज भी पहले दौर में नहीं बिक सके। विदेशी खिलाड़ियों में ऑस्ट्रेलिया के साइमन ओचार्ड (45000 डॉलर) और अर्जेंटीना के लुकास रे (40500 डॉलर) भी महंगे बिके जिन्हे पंजाब ने खरीदा।
पहले दौर में सबसे हैरानी हुई जब स्टार ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह के लिए किसी ने बोली नहीं लगाई। उन्हें 27800 की बेसप्राइज पर मुंबई मैजिशियंस ने खरीदा जिसके कोच ऑस्ट्रेलिया के रिक चार्ल्सवर्थ है। आइकन खिलाड़ी होने के नाते हालांकि संदीप को अपनी टीम के सबसे महंगे खिलाड़ी से 15 प्रतिशत अधिक भुगतान होगा।
पहले दौर में कुल 246 में से 28 खिलाड़ियों की बोली लगी जिनमें से तीन को किसी से नहीं खरीदा।
पहले दौर में सबसे महंगे बिके सरदार ने कहा, ‘‘पहली बार हॉकी में इस तरह की चीज देख रहा हूं और बहुत मजा आ रहा है। मुझे खुशी है कि मेरी अच्छी बोली लगी लेकिन मैं चाहूंगा कि दूसरे खिलाड़ियों पर भी इसी तरह बोली लगाई जाए।’’ पांचों आइकन खिलाड़ियों के लिए मूक बोली लगाई गई जिसमें फ्रेंचाइजी ने लिखकर अपनी बोली लगाई। आइकन खिलाड़ियों में सरदार के अलावा ऑस्ट्रेलियाई कप्तान जैमी ड्वायेर, इस साल एफआईएच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए जर्मनी के मौरित्ज फुत्र्से, हालैंड के टान दे नूयेर, भारतीय ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह शामिल थे। सरदार का बेसप्राइज 27800 डॉलर था।
दिल्ली फ्रेंचाइजी के मालिक वेव समूह के अमर सिन्हा ने कहा, ‘‘हमारा मकसद सरदार को हर हालत में खरीदना था और यही वजह है कि हमने इतनी महंगी बोली लगाई। हमें उम्मीद है कि उनका अपार अनुभव टीम के लिए उपयोगी साबित होगा।’’ ड्वायेर का बेसप्राइज 25000 डॉलर था जिन्हें जेपी पंजाब वारियर्स ने 60000 डॉलर में खरीदा। फुत्र्से का बेसप्राइज 25000 डॉलर था और उन्हें रांची राइनोज ने 75500 डॉलर में खरीदा। वह पहले दौर में सबसे महंगे बिकने वाले दूसरे खिलाड़ी थे। नूयेर का बेसप्राइज 25000 डॉलर था जिन्हें उत्तर प्रदेश विजार्डस ने 66000 डॉलर में खरीदा।
भारत के अनुभवी फॉरवर्ड तुषार खांडेकर भी काफी कम कीमत पर बिके। उन्हें उप्र फ्रेंचाइजी ने 14000 डॉलर (बेसप्राइज 13900) ने खरीदा। हालैंड के रोलैंट ओल्टमांस को कोच बनाने वाली सहारा समूह की इस फ्रेंचाइजी ने पहले दौर में फॉरवर्ड एसके उथप्पा को 25000 डॉलर (बेसप्राइज 9250), प्रधान सोमन्ना को 14000 डॉलर (बेसप्राइज 5600) और नितिन थिमैयया को 27500 डॉलर (बेसप्राइज 5600) में खरीदा।
भारत के स्टार फॉरवर्ड एसवी सुनील का बेसप्राइज 13900 डॉलर था जिन्हें पंजाब वॉरियर्स ने 42000 डॉलर में खरीदा।
युवा फॉरवर्ड युवराज वाल्मीकि को दिल्ली ने 18500 डॉलर (बेसप्राइज 9250) ने खरीदा। दिल्ली ने उप्र को पछाड़कर गुरबाज सिंह को 36000 डॉलर (बेसप्राइज 18550) में खरीदा। भारत के मिडफील्डर कोथाजीत सिंह (33000 डॉलर) और बीरेंद्र लाकड़ा (41000 डॉलर) को रांची ने खरीदा। पाकिस्तानी मिडफील्डर मोहम्मद रशीद को 41000 डॉलर (बेसप्राइज 25000) में मुंबई ने खरीदा जबकि फॉरवर्ड अली शाह पर किसी ने बोली नहीं लगाई। उनके अलावा स्पेन के पोल अमाट और न्यूजीलैंड के शिया मैकालीज भी पहले दौर में नहीं बिक सके। विदेशी खिलाड़ियों में ऑस्ट्रेलिया के साइमन ओचार्ड (45000 डॉलर) और अर्जेंटीना के लुकास रे (40500 डॉलर) भी महंगे बिके जिन्हे पंजाब ने खरीदा।
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