इस वर्ष लंदन में होने वाले ओलम्पिक खेलों के लिए गुरुवार को प्राचीन ओलिम्पिक आयोजन स्थल पर मशाल प्रज्वलित की गई।
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प्राचीन ओलिम्पिया:
इस वर्ष लंदन में होने वाले ओलम्पिक खेलों के लिए गुरुवार को प्राचीन ओलिम्पिक आयोजन स्थल पर मशाल प्रज्वलित की गई।
हारा के प्राचीन मंदिर के अवशेष के सामने एक अभिनेत्री ने पुजारन की भूमिका निभाई और पैराबोलिक कांच की मदद से सूर्य की रोशनी से ओलिम्पिक मशाल जलाई।
इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति के प्रमुख जैक्स रॉग और लंदन ओलिम्पिक आयोजन समिति के प्रमुख सबास्टियन कोए मौजूद थे।
मशाल को पहले धारक-ग्रीस के विश्व तैराकी चैम्पियन स्पाइरोस गियानियोटिस को सौंप दिया गया। इसी के साथ इस मशाल की 1800 मील की यात्रा शुरू हो गई। इस दौरान कुल 490 धारक इसे लेकर दौड़ेंगे।
17 मई को इस मशाल को एथेंस के पानाथिनियाक स्टेडियम में लंदन ओलिम्पिक आयोजन समिति को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद इस मशाल की 70 दिनों की ब्रिटेन यात्रा शुरू होगी।
हारा के प्राचीन मंदिर के अवशेष के सामने एक अभिनेत्री ने पुजारन की भूमिका निभाई और पैराबोलिक कांच की मदद से सूर्य की रोशनी से ओलिम्पिक मशाल जलाई।
इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति के प्रमुख जैक्स रॉग और लंदन ओलिम्पिक आयोजन समिति के प्रमुख सबास्टियन कोए मौजूद थे।
मशाल को पहले धारक-ग्रीस के विश्व तैराकी चैम्पियन स्पाइरोस गियानियोटिस को सौंप दिया गया। इसी के साथ इस मशाल की 1800 मील की यात्रा शुरू हो गई। इस दौरान कुल 490 धारक इसे लेकर दौड़ेंगे।
17 मई को इस मशाल को एथेंस के पानाथिनियाक स्टेडियम में लंदन ओलिम्पिक आयोजन समिति को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद इस मशाल की 70 दिनों की ब्रिटेन यात्रा शुरू होगी।
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