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This Article is From Aug 07, 2012

अब पहलवानों पर टिक गई हैं भारत की नजरें...

अब पहलवानों पर टिक गई हैं भारत की नजरें...
समापन की ओर बढ़ते लंदन ओलिंपिक खेल में भारत की चुनौती अब सिर्फ तीन खेलों तक सीमित रह गई है और सबकी नजरें पहलवानों पर टिक गई हैं जो बीजिंग खेलों के कांस्य पदक विजेता सुशील कुमार की अगुआई में एक्सेल एरेना में अपने अभियान की शुरुआत नौ अगस्त से करेंगे।
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नई दिल्ली: समापन की ओर बढ़ते लंदन ओलिंपिक खेल में भारत की चुनौती अब सिर्फ तीन खेलों तक सीमित रह गई है और सबकी नजरें पहलवानों पर टिक गई हैं जो बीजिंग खेलों के कांस्य पदक विजेता सुशील कुमार की अगुआई में एक्सेल एरेना में अपने अभियान की शुरुआत नौ अगस्त से करेंगे।

कुश्ती के अलावा मुक्केबाजी और एथलेटिक्स में भी भारतीय चुनौती शेष है जबकि हॉकी टीम पदक की दौड़ से काफी पहले ही बाहर हो गई है।

भारत के पांच पहलवानों ने लंदन ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई किया है जिसमें पहली बार इन खेलो में भाग लेने जा रही महिला पहलवान गीता फोगट को नौ अगस्त को अपने देश की कुश्ती अभियान की शुरुआत करनी है। इसके अगले दिन अमित कुमार (55) और नरसिंह यादव (74 किलो) और योगेश्वर दत्त (60 किलो) को 11 अगस्त को भिड़ना है। अपने कांसे को सोने में बदलने का वादा करके गए सुशील कुमार के भाग्य का फैसला इन खेलों के अन्तिम दिन 12 अगस्त को होना है।

विश्व चैम्पियन सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त भारतीय कुश्ती दल के सबसे अनुभवी पहलवान है जिनका यह लगातार तीसरा ओलिंपिक है।

आठ दिन की कुश्ती प्रतियोगिता में कुल 344 पहलवान भाग ले रहे हैं जिसमें कुल 18 स्वर्ण पदको का फैसला होना है। अभी चल रही ग्रीको रोमन शैली के बाद नौ अगस्त से महिला वर्ग और फिर फ्री स्टाइल वर्ग के मुकाबले होंगे।

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