एंडी मरे ने अंतत: अपने देश के लिए 77 साल का सूखा खत्म करते हुए 1936 के बाद विंबलडन खिताब जीतने वाले पहले ब्रिटेनवासी बनने का गौरव हासिल किया।
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लंदन:
एंडी मरे ने अंतत: अपने देश के लिए 77 साल का सूखा खत्म करते हुए 1936 के बाद विंबलडन खिताब जीतने वाले पहले ब्रिटेनवासी बनने का गौरव हासिल किया।
मरे ने रविवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में विश्व के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त सर्बियाई स्टार नोवाक जोकोविक को हराकर साल के तीसरे ग्रैंड स्लैम विंबलडन का पुरुष एकल खिताब जीत लिया।
मरे से पहले फ्रेड पेरी ने 1936 में अंतिम बार एकल खिताब जीता था और अब मरे ने ऑल इंग्लैंड क्लब पर पेरी की बराबरी कर ली है।
टूर्नामेंट के दूसरे वरीय मरे ने घरेलू दर्शकों की हौसलाअफजाई के बीच सेंटर कोर्ट पर शीर्ष वरीय जोकोविक को 6-4, 7-5, 6-4 से पराजित किया। यह मैच तीन घंटे नौ मिनट चला।
जोकोविक ने पहले और दूसरे सेट में एक-एक बार मरे की सर्विस ब्रेक की लेकिन मरे ने दोनों सेटों में दो-दो मौकों पर जोकोविक की सर्विस ब्रेक की।
तीसरे से में दोनों खिलाड़ियों ने दो-दो मौकों पर एक दूसरे की सर्विस ब्रेक की और एक समय 4-4 की बराबरी पर थे लेकिन मरे ने 2011 के चैम्पियन जोकोविक की सर्विस ब्रेक करते हुए 5-4 की बढ़त ले ली।
मैच के अंतिम गेम में मरे ने तीन सीधे अंक हासिल किए और तीन चैम्पियनशिप अंक प्राप्त किए लेकिन जोकोविक ने इन्हें पीछे छोड़ते हुए एडवांटेज हासिल कर लिया।
जोकोविक यह से जीतने के लिए जहां अपना अनुभव झोंक रहे थे वहीं मरे ने अपना चौथा चैम्पियनशिप अंक हासिल किया और सेट तथा मैच अपने नाम कर लिया।
बीते एक साल में ऑल इंग्लैंड क्लब पर मरे की यह दूसरी स्वर्णिम सफलता है। इस खिलाड़ी ने बीते साल लंदन ओलम्पिक के दौरान एकल मुकाबलों का स्वर्ण जीता था लेकिन बीते साल ही वह विंबलडन फाइनल में स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर से हार गए थे।
मरे ने रविवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में विश्व के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त सर्बियाई स्टार नोवाक जोकोविक को हराकर साल के तीसरे ग्रैंड स्लैम विंबलडन का पुरुष एकल खिताब जीत लिया।
मरे से पहले फ्रेड पेरी ने 1936 में अंतिम बार एकल खिताब जीता था और अब मरे ने ऑल इंग्लैंड क्लब पर पेरी की बराबरी कर ली है।
टूर्नामेंट के दूसरे वरीय मरे ने घरेलू दर्शकों की हौसलाअफजाई के बीच सेंटर कोर्ट पर शीर्ष वरीय जोकोविक को 6-4, 7-5, 6-4 से पराजित किया। यह मैच तीन घंटे नौ मिनट चला।
जोकोविक ने पहले और दूसरे सेट में एक-एक बार मरे की सर्विस ब्रेक की लेकिन मरे ने दोनों सेटों में दो-दो मौकों पर जोकोविक की सर्विस ब्रेक की।
तीसरे से में दोनों खिलाड़ियों ने दो-दो मौकों पर एक दूसरे की सर्विस ब्रेक की और एक समय 4-4 की बराबरी पर थे लेकिन मरे ने 2011 के चैम्पियन जोकोविक की सर्विस ब्रेक करते हुए 5-4 की बढ़त ले ली।
मैच के अंतिम गेम में मरे ने तीन सीधे अंक हासिल किए और तीन चैम्पियनशिप अंक प्राप्त किए लेकिन जोकोविक ने इन्हें पीछे छोड़ते हुए एडवांटेज हासिल कर लिया।
जोकोविक यह से जीतने के लिए जहां अपना अनुभव झोंक रहे थे वहीं मरे ने अपना चौथा चैम्पियनशिप अंक हासिल किया और सेट तथा मैच अपने नाम कर लिया।
बीते एक साल में ऑल इंग्लैंड क्लब पर मरे की यह दूसरी स्वर्णिम सफलता है। इस खिलाड़ी ने बीते साल लंदन ओलम्पिक के दौरान एकल मुकाबलों का स्वर्ण जीता था लेकिन बीते साल ही वह विंबलडन फाइनल में स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर से हार गए थे।
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