फीफा विश्वकप में सोमवार देर रात एरेना डा बैक्साडा में नाइजीरिया और ईरान के बीच खेला गया ग्रुप-एफ का मैच बिना किसी गोल के बराबरी पर खत्म हुआ।
ब्राजील में खेले जा रहे इस विश्व कप का यह पहला मैच है, जिसमें कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, दोनों ही टीमों के बीच मुकाबला बराबरी का रहा। पहले हाफ में जहां नाइजीरिया ने गोल के ज्यादा मौके बनाए तो वहीं दूसरे हाफ में ईरान का पलड़ा भारी रहा।
इस मैच के बाद ईरान टूर्नामेंट में अंक हासिल करने वाला एशियाई फुटबॉल संघ का पहला देश बन गया है।
फीफा के हाल में जारी हुए रैंकिंग में ईरान एशियाई देशों में सबसे ऊपर था, जबकि नाइजीरिया भी अफ्रीकी देशों की बेहतरीन टीमों में शामिल था।
मैच में नाइजीरिया के विक्टर मोसेस ने पहला अच्छा आक्रमण किया, लेकिन ईरान के गोलकीपर अलीरेजा हैघीघी ने इसे आसानी से रोक दिया।
इसके बाद भी नाइजीरिया का आक्रमण जारी रहा और उसने गोल करने की कई कोशिशें की। एक गेंद गोलपोस्ट के अंदर भी गई लेकिन मैच रेफरी ने इसे फाउल करार दिया।
खेल के 21वें मिनट में नाइजीरिया के डिफेंडर गॉडफ्रे ओबोआबोना हेडर मारने की कोशिश में जमीन पर गिर गए और फिर उन्हें इलाज के लिए मैदान से बाहर ले जाया गया।
नाइजीरिया के मिडफील्डर जॉन ओबी मिकेल ने फ्री किक के जरिये खेल के 32वें मिनट में भी गोल का एक बेहतरीन मौका पैदा किया, लेकिन एक बार फिर ईरानी गोलकीपर ने उसे नाकाम कर दिया।
आक्रमण के मामले में नाइजीरिया के खिलाड़ियों ने बाजी मारी, लेकिन ईरान की मजबूत रक्षा पंक्ति के सामने हर बार उनकी कोशिश नाकाम होती रही। पूरे मैच के दौरान गेंद 63 फीसदी नाइजीरियाई खिलाड़ियों के कब्जे में रही।
कुल मिलाकर दोनों ही टीमों ने अच्छा प्रयास किया लेकिन वो उसे गोल में बदलने में कामयाब नहीं हो पाए।
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