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This Article is From Jun 11, 2014

वर्ल्डकप के दावेदार : तीसरे खिताब का सपना संजो रहा है अर्जेन्टीना

वर्ल्डकप के दावेदार : तीसरे खिताब का सपना संजो रहा है अर्जेन्टीना
नई दिल्ली:

उन दिनों कलर टेलीविज़न का चलन भारत में बढ़ ही रहा था, और वर्ष 1982 के बाद शायद वह पहला मौका था, जब दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेल समारोह को भारत के युवा फैन्स बहुत संजीदगी से देख रहे थे।

उन दिनों लैटिन-अमेरिकी फुटबॉल के बादशाह डिएगो माराडोना को लेकर तरह-तरह की कहानियां छप रही थीं। तभी मैक्सिको के एज़टेक स्टेडियम में माराडोना अकेले ही गेंद लेकर फील्ड में बढ़ते गए। इंग्लैंड के नौ खिलाड़ी बार-बार आकर माराडोना को रोकने की कोशिश में रहे, लेकिन माराडोना ने अपने बाएं पांव से गोल कर एज़टेक स्टेडियम में पिकासो की अनमोल पेंटिंग की याद दिला दी।

इस कारनामे को करीब तीन दशक बीत चुके हैं, लेकिन अर्जेन्टीना का नाम लेते ही उनकी फुटबॉल की काबिलियत की वही तस्वीर उभरकर आंखों के सामने आती है। उस समय अर्जेन्टीना टीम ने वर्ष 1978 के बाद दूसरी बार वर्ल्डकप खिताब पर कब्ज़ा जमाया था और अपने फैन्स के 'भगवान' बन गए थे। उस वक्त अर्जेन्टीना सहित दुनिया के कई फैन्स मानने लगे कि डिएगो माराडोना दुनिया के बेहतरीन फुटबॉलर हैं, और यहां तक कि कई लोग उन्हें पेले से भी बड़ा मानने लगे।

अर्जेन्टीना की खासियत
अर्जेन्टीना टीम के कप्तान लियोनेल मेस्सी माराडोना की परंपरा के सबसे बड़े स्टार हैं। माराडोना-सा कारनामा उन्होंने दुनिया के कई मैदानों पर किया है, लेकिन वर्ल्डकप के सबसे बड़े इम्तिहान में उनकी कामयाबी अब भी एक बड़ी चुनौती है। वर्ष 1978 और 1986 में चैम्पियन और वर्ष 1990 में उपविजेता बनी अर्जेन्टीना टीम उसके बाद कभी भी क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ पाई।

अर्जेन्टीना के सितारे
4-3-3 और कई बार 5-3-2 के फॉर्मेशन से खेलने वाली अर्जेन्टीना टीम के कोच आलेयान्द्रो साबेया के पास लियोनेल मेस्सी, गोंज़ैलो हिगुआइन और सर्जियो एगुएरो जैसै स्ट्राइकर, ज़ेवियर माशिरानो, मैक्सी रॉड्रिग्ज़, और फनार्ंडो गागो जैसे अनुभवी मीडफील्डर्स के साथ-साथ अच्छी डिफेंस और सर्जियो रोमेरो जैसे नामचीन गोलकीपर हैं। कोच साबेया खुद अपनी रणनीति के लिए सराहे जाते हैं और इसलिए टीम से बड़ी उम्मीद की जा रही है।

टीम के स्टार स्ट्राइकर सर्जियो एगुएरो कहते हैं, जो देश एक ही महाद्वीप से आते हैं, उनके लिए हालात फायदेमंद रहते हैं। सबसे ज़्यादा फायदा ब्राज़ील को ही है। हालांकि सब मैच मुश्किल होंगे और आपको पूरी तरह तैयार रहना होगा। कप्तान लियोनेल मेस्सी मानते हैं कि अर्जेन्टीना टीम की दावेदारी मज़बूत है। उनका कहना है कि टीम अच्छे फॉर्म में है। उनके मुताबिक टीम में संयम भी है और कप पर कब्ज़ा करने का माद्दा भी।

अर्जेन्टीना की चुनौती
दुनिया में पांचवें नंबर की टीम को ग्रुप एफ में बोस्निया हर्ज़ेगोविना (25), ईरान (37) और नाइजीरिया (44) के साथ जगह मिली है। ग्रुप स्टेज में इस बार अर्जेन्टीना को ज़्यादा मुश्किल नहीं होनी चाहिए, लेकिन अर्जेन्टीना टीम लियोनेल मेस्सी के साथ नॉकआउट स्टेज और शायद खिताब मैच तक अपना जादू बरकरार रख पाएगी या नहीं, यह एक बड़ी चुनौती है।

ब्राज़ील का मिलता-जुलता मौसम, आसान ग्रुप, मेस्सी जैसा सुपरस्टार और आक्रामक रवैया जैसी कई वजहें हैं, जिनके सहारे अर्जेन्टीना टीम तीसरी बार खिताब का सपना संजो रही है। जो कारनामा मेस्सी कई विज्ञापनों में करते रहे हैं, मैदान पर उससे भी बढ़कर कारनामा दिखाने की काबिलियत रखते हैं। लेकिन याद रहे, यह वर्ल्डकप है, जहां दुनिया के बेस्ट ब्रेन बेहतरीन तकनीक के साथ उन्हें रोकने के लिए पूरा ज़ोर लगाएंगे। ऐसे में मेस्सी माराडोना का मुकाम हासिल कर पाएंगे या नहीं, इस अहम सवाल से अर्जेन्टीना और भारत सहित दुनिया के करोड़ों फैन्स की उम्मीदें भी जुड़ी हुई हैं।

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