पीसीबी ने शाहिद अफरीदी को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने बोर्ड के खिलाफ बयानबाजी बंद नहीं की तो एसएलपीएल में उनके खेलने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
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कराची:
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने बोर्ड के खिलाफ बयानबाजी बंद नहीं की तो श्रीलंका प्रीमियर लीग (एसएलपीएल) में उनके खेलने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। अफरीदी ने वेस्टइंडीज दौरे से लौटने के बाद टीम प्रबंधन के खिलाफ आवाज बुलंद की थी लेकिन इसका खामियाजा उन्हें कप्तानी गंवाकर उठाना पड़ा। इससे आहत अफरीदी ने क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। इसके बाद पीसीबी ने उनका केंद्रीय करार समाप्त कर दिया और सारे अनापत्ति प्रमाण पत्र भी रद्द कर दिए। इसके खिलाफ अफरीदी ने सिंध उच्च न्यायालय की शरण ली थी। न्यायालय ने अफरीदी के खिलाफ पीसीबी की अनुशासनात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी। मामले को सुलझाने के लिए पीसीबी और अफरीदी में बात हुई, जिसके बाद उन्हें काउंटी में खेलने की अनुमति दे दी गई लेकिन साथ ही उन पर 45 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके बावजूद अफरीदी लगातार बोर्ड को निशाना बना रहे हैं। उनके बयानों से पीसीबी और उसके कुछ शीर्ष अधिकारी नाराज बताए जाते हैं। समाचार पत्र एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने पीसीबी सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि यदि अफरीदी का यही रुख रहा तो पीसीबी उनके खिलाफ कार्रवाई से नहीं हिचकेगा। एक अधिकारी ने कहा, "पीसीबी अफरीदी के साक्षात्कारों पर पैनी नजर रखे हुए है। बोर्ड के खिलाफ कोई भी कड़ी बयानबाजी उन्हें मुश्किल में डाल सकती है। अन्य प्रतियोगिताओं के लिए एनओसी के लिए आवेदन करना पड़ेगा और उनका यही रवैया रहा तो उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।" पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद बुधवार को अपने पहले पेशेवर दौरे के लिए लंदन रवाना हो गए। अफरीदी ने ट्वेंटी-20 लीग के लिए काउंटी क्लब हैम्पशायर के साथ करार किया है। वह मंगलवार को ही लंदन जाने वाले थे लेकिन बीमार पिता के अमेरिका से लौटने के कारण उन्होंने अपनी यात्रा एक दिन के लिए टाल दी। अफरीदी बतौर पेशेवर खिलाड़ी पहली बार देश से रवाना हो रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने काउंटी में हिस्सा लिया है लेकिन उस समय वह पाकिस्तानी टीम में थे। अफरीदी ने कहा है कि वह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहने के अपने फैसले पर अटल रहेंगे क्योंकि वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के व्यवहार से काफी आहत हैं।