महाराष्ट्र में महायुति सरकार ने जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए नया विधेयक पेश किया है शिवसेना (यूबीटी) ने इस बिल का समर्थन किया और इसका उद्देश्य धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा बताया है विधेयक में गैर-कानूनी धर्मांतरण के लिए सात साल जेल और एक लाख रुपये जुर्माना प्रस्तावित है