भारतीय ओलिंपिक संघ के नवनियुक्त अध्यक्ष एन रामचंद्रन ने वादा किया है कि वह राष्ट्रीय महासंघों को अपने कामकाज में अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाएंगे। उन्होंने इसके साथ ही कहा कि यदि वह अंतर पैदा करने में नाकाम रहे तो अपने पद से इस्तीफा देने में भी नहीं हिचकिचाएंगे।
पिछले महीने रामचंद्रन के अध्यक्ष चुने जाने के बाद आईओए का अंतरराष्ट्रीय निलंबन भी समाप्त हो गया था। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य खेल प्रशासकों का खिलाड़ियों के प्रति रवैया बदलना है।
रामचंद्रन ने यहां एक सम्मान समारोह से इतर पत्रकारों से कहा, 'राष्ट्रीय खेल महासंघों और उनकी राज्य इकाईयों को समझना होगा कि उनके कामकाज में बहुत अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता होनी चाहिए।' विश्व स्क्वाश महासंघ के भी प्रमुख रामचंद्रन ने कहा, 'देश की सर्वोच्च खेल संस्था का अध्यक्ष होने के नाते मेरा इरादा ऐसा करना है और मैं ऐसा करूंगा। यदि मैं ऐसा नहीं कर पाता तो इस्तीफा दूंगा।'
आईओए में भावी योजनाओं के बारे में रामचंद्रन ने कहा कि खिलाड़ी उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, 'खेलों की रीढ़ महासंघ नहीं बल्कि खिलाड़ी हैं। भारत में खेलों में बदलाव आ गया है और आईओए भी विकास की राह पर है। यदि समय के अनुसार बदलाव नहीं होता तो मैं अपना पद त्याग दूंगा।'
रामचंद्रन ने कहा, 'खिलाड़ियों के कारण महासंघ हैं। उनके प्रयासों, अ5यास और कड़ी मेहनत से इसे मान्यता मिलती है। सभी महासंघों को यह बात अच्छी तरह से समझ लेनी चाहिए।'
उन्होंने कहा कि वह चयन मामलों में भी दिलचस्पी दिखाएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो। आईओए प्रमुख ने कहा, 'चयन प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता होगी और मैं खिलाड़ियों के साथ अच्छा व्यवहार सुनिश्चित करने के लिये उन पर निगरानी रखूंगा।' रामचंद्रन ने कहा, 'खेलों को समय के साथ हर हाल में बदलना होगा। राष्ट्रीय महासंघों को विशेषकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों और टीमों के चयन के मामले में इसका पूरा पालन करना होगा।'
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