खेल मंत्रालय ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय ओलिम्पिक परिषद (आईओसी) को निलंबित भारतीय ओलिम्पिक संघ के संचालन के लिए एक तदर्थ समिति गठित करने का प्रस्ताव भेजा है।
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नई दिल्ली:
खेल मंत्रालय ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय ओलिम्पिक परिषद (आईओसी) को निलंबित भारतीय ओलिम्पिक संघ के संचालन के लिए एक तदर्थ समिति गठित करने का प्रस्ताव भेजा है।
खेलमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार खिलाड़ियों को शामिल करते हुए 10 सदस्यीय तदर्थ समिति बनाने की योजना बना रही है।
सिंह ने कहा कि हम विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से अंतरिम समाधान के लिए बात करने जा रहे हैं। हम 10 प्रख्यात खिलाड़ियों को लेकर तदर्थ समिति बनाने का सुझाव रखेंगे।
उन्होंने कहा कि हम बहुत कठिन परिस्थतियों से गुजर रहे हैं। सरकार इस मसले का समाधान निकालना चाहती है। खिलाड़ियों को दी रही सुविधाएं जारी रहेंगी।
उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय ओलिम्पिक परिषद ने निष्पक्ष चुनाव कराने में विफल रहने पर भारतीय ओलिम्पिक संघ को मंगलवार को निलंबित कर दिया था।
इससे पहले खेल मंत्रालय ने भारतीय एमेच्योर मुक्केबाजी महासंघ (आईएबीएफ) और भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) की मान्यता शुक्रवार को चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का हवाला देते हुए रद्द कर दी।
खेलमंत्री जितेंद्र सिंह ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि एएआई ने खेल कोड का उल्लंघन किया जबकि मुक्केबाजी संघ चुनाव प्रक्रिया में दोषी था।
एएआई के चुनाव नवम्बर में सम्पन्न हुए थे जिसमें विजय कुमार मल्होत्रा को लगातार दसवीं बार अध्यक्ष चुना गया था।
आईबीएफ चुनाव सितम्बर में हुए थे जिसमें अभिषेक मटोरिया को अध्यक्ष चुना गया था। मटोरिया ने अभय सिंह चौटाला की जगह ली थी।
यह पूछने पर कि सरकार ने कार्रवाई करने में इतना लम्बा समय क्यों लिया, इस पर खेल सचिव पीके देब ने कहा, "हम भारतीय ओलिम्पिक संघ (आईओए)के चुनाव के परिणाम का इंतजार कर रहे थे। यह बस संयोग है कि हम इस वक्त ऐसे निर्णय पर पहुंचे।"
इससे पहले, अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (एआईबीए) ने आईएबीएफ को चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का हवाला देते हुए अस्थायी रूप से निलम्बित कर दिया था।
खेलमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार खिलाड़ियों को शामिल करते हुए 10 सदस्यीय तदर्थ समिति बनाने की योजना बना रही है।
सिंह ने कहा कि हम विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से अंतरिम समाधान के लिए बात करने जा रहे हैं। हम 10 प्रख्यात खिलाड़ियों को लेकर तदर्थ समिति बनाने का सुझाव रखेंगे।
उन्होंने कहा कि हम बहुत कठिन परिस्थतियों से गुजर रहे हैं। सरकार इस मसले का समाधान निकालना चाहती है। खिलाड़ियों को दी रही सुविधाएं जारी रहेंगी।
उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय ओलिम्पिक परिषद ने निष्पक्ष चुनाव कराने में विफल रहने पर भारतीय ओलिम्पिक संघ को मंगलवार को निलंबित कर दिया था।
इससे पहले खेल मंत्रालय ने भारतीय एमेच्योर मुक्केबाजी महासंघ (आईएबीएफ) और भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) की मान्यता शुक्रवार को चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का हवाला देते हुए रद्द कर दी।
खेलमंत्री जितेंद्र सिंह ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि एएआई ने खेल कोड का उल्लंघन किया जबकि मुक्केबाजी संघ चुनाव प्रक्रिया में दोषी था।
एएआई के चुनाव नवम्बर में सम्पन्न हुए थे जिसमें विजय कुमार मल्होत्रा को लगातार दसवीं बार अध्यक्ष चुना गया था।
आईबीएफ चुनाव सितम्बर में हुए थे जिसमें अभिषेक मटोरिया को अध्यक्ष चुना गया था। मटोरिया ने अभय सिंह चौटाला की जगह ली थी।
यह पूछने पर कि सरकार ने कार्रवाई करने में इतना लम्बा समय क्यों लिया, इस पर खेल सचिव पीके देब ने कहा, "हम भारतीय ओलिम्पिक संघ (आईओए)के चुनाव के परिणाम का इंतजार कर रहे थे। यह बस संयोग है कि हम इस वक्त ऐसे निर्णय पर पहुंचे।"
इससे पहले, अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (एआईबीए) ने आईएबीएफ को चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का हवाला देते हुए अस्थायी रूप से निलम्बित कर दिया था।
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