रॉजर फेडरर ने नए साल के शुरुआत में एक नया मुकाम हासिल किया। स्विंट्जरलैंड के टेनिस खिलाड़ी ने पहली बार ब्रिसबेन इंटरनेशनल टेनिस टूर्नामेंट जीत कर अपने करियर की 1000वीं जीत दर्ज़ कर एक नया रिकॉर्ड बनाया। साथ ही ये उनके करियर का 83वां ख़िताब भी है।
फ़ाइनल जीतते हैं तो फेडरर का नाम जिमी कोनर्स और इवान लेंडल जैसे बड़े नामों के बीच शआमिल हो गया जिनके नाम 1000 से ज्यादा जीत है।
एक हजार एटीपी मैच जीतने वाले फेडरर तीसरे खिलाड़ी है। जिमी कोनर्स के नाम 1253 जीत हासिल करने का रिकॉर्ड है जबकि इवान लेंडल के नाम 1071 जीत दर्ज है।
फाइनल में उनकी टक्कर कनाडा के मिलोस राओनिक से थी, जो पिछले साल अच्छे फार्म में थे लेकिन यहां वह फेडरर की चुनौती से पार नहीं पा सके। फेडरर ने मैच 6-4 6-7 (2-7) 6-4 से जीता।
1000वीं जीत को हासिल करने के लिए फेडरर को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी। हालांकि मैच के दूसरे सेट में राओनिक ने उन्हें कड़ी टक्कर जरूर दी। जीत के बाद स्विंस खिलाड़ी ने कहा कि ब्रिसबेन ओपन का फ़ाइनल उनके लिए हमेशा ख़ास रहेगा।
रॉजर फेडरर पिछले साल अपने ग्रैंड स्लैम लिस्ट में कोई इजाफा नहीं कर सके, लेकिन कोर्ट में फ़ैन्स को बदला हुआ फेडरर जरूर नज़र आया।
साल 2013 में फेडरर कई बार चोटिल हुए और जब वह विम्बलडन के दूसरे राउंड में बाहर हुए तो सबने मान लिया कि उनका दौर ख़त्म हो गया।
17 ग्रैंड स्लैम ख़िताब जीत चुके फेडरर ने स्टीफ़ेन एडबर्ग का हाथ थामा और जोरदार वापसी कर सबको आश्चर्य में डाल दिया।
हालांकि पिछले साल वह नंबर एक रैंकिंग हासिल नहीं कर सके लेकिन 33 साल के इस खिलाड़ी ने इस दौरान काफ़ी कुछ सीखा।
पूर्व नंबर एक खिलाड़ी लगातार टेनिस खेलते रहे, कई मैचों में उन्हें हार मिली लेकिन इस दौरान उनके खेल में काफी सुधार हुआ।
ब्रिसबेन में फेडरर ने 53 मिनट में बुल्गारिया के ग्रिगोर दिमित्रोव को हराया फिर फाइनल में राओनिक को हराकर साबित कर दिया कि वह अब भी युवा खिलाड़ियों को टक्कर दे सकते हैं।
ब्रिसबेन ओपन में फेडरर के खेल को देखकर लगता है कि उन्होंने नए साल के लिए अपना लक्ष्य भी तय कर लिया है। जाहिर है अब उनकी नजर 18वें ग्रैंड स्लैम पर है, जो वह ऑस्ट्रेलियन ओपन जीत कर पूरा कर सकते हैं।
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