कनाडा द्वारा दिए गए 212 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 34.5 ओवरों में तीन विकेट खोकर जीत हासिल कर ली।
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बेंगलुरु:
चार बार के चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया ने विश्व कप में अपने पहले शतक से चूकने वाले शेन वॉटसन (94) और विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रैड हैडिन (88) द्वारा पहले विकेट के लिए जोड़े गए 183 रनों की मदद से चिन्नास्वामी स्टेडियम में बुधवार को खेले गए आईसीसी विश्व कप-2011 के ग्रुप मुकाबले में कनाडा को सात विकेट से हराकर ग्रुप 'ए' में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। कनाडा द्वारा दिए गए 212 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 34.5 ओवरों में तीन विकेट खोकर जीत हासिल कर ली। ऑस्ट्रेलिया ने वॉटसन और हैडिन के अलावा कप्तान रिकी पोंटिंग (7) का विकेट खोया जो हेनरी ओसिन्दे की गेंद पर जॉन डेविसन के हाथों लपके गए। इस तरह डेविसन ने अपने आखिरी मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते हुए ऑस्ट्रेलियाई कप्तान का कैच लपककर इस मैच को यादगार बना दिया। डेविसन ने गेंदबाजी कराते हुए अपने करियर के आखिरी एकदिवसीय मुकाबले में हैडिन का विकेट लेने में सफल रहे। डेविसन ऑस्ट्रेलिया में लम्बे समय तक प्रांतीय क्रिकेट खेल चुके हैं। माइकल क्लार्क 16 रनों पर नाबाद लौटे जबकि कैमरुन व्हाइट विजयी रन लेते हुए नाबाद चार रन बनाए। वॉटसन ने अपनी 90 गेंदों की तेज पारी के दौरान नौ चौके और चार छक्के लगाए जबकि हैडिन ने 84 गेंदों पर 11 चौके और दो छक्के जड़े। वॉटसन को शानदार पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। इससे पहले, सलामी बल्लेबाज हीरल पटेल ने जिस अंदाज में पारी की शुरुआत की थी, उसे देखकर यही लगा था कि कनाडा विश्व चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया को बड़ा लक्ष्य देने में सफल रहेगा लेकिन अनुभव की कमी और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी के अच्छे प्रदर्शन ने उसे 45.4 ओवरों में 211 रनों के मामूली योग पर सीमित कर दिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी कनाडा की टीम ने ग्रुप 'ए' के इस मुकाबले में हीरल की तूफानी पारी की बदौलत 16 ओवरों में ही 100 रन बना लिए थे लेकिन बाद के बल्लेबाजों ने धीमे खेल से अपेक्षित लक्ष्य पर पानी फेर दिया। 45 गेंदों पर पांच चौकों और तीन छक्कों की मदद से 54 रनों की तूफानी पारी खेलने वाले हीरल के अलावा जुबिन सुरकारी ने 34 रनों का योगदान दिया जबकि कप्तान बगाई ने 39 रन बनाए। कार्ल व्हाथम ने 18 और हरबीर बैदवान ने 17 रनों का योगदान दिया। कनाडा का तीसरा विकेट कप्तान आशीष बगाई के रूप में 150 रनों पर गिरा था। इसके बाद 61 रन जोड़कर बाकी के सात बल्लेबाज पेवेलियन लौट गए। कनाडाई पारी की तीन सबसे बड़ी साझेदारियां शुरुआती तीन विकेटों के लिए हुई। पहले विकेट के लिए जॉन डेविसन और हीरल ने 3.5 ओवरों में ही 41 रन जोड़ दिए थे। इसके बाद हीरल और सुरकारी ने 7.4 ओवरो में 41 रनों की साझेदारी को अंजाम दिया। तीसरी और सबसे बड़ी साझेदारी सुरकारी और बगाई के बीच हुई, जिसमें दोनों ने 16.5 ओवरों में विकेट बचाते हुए 68 रन जोड़े। अंतिम ओवरों में व्हाथम और बैदवान ने आठवें विकेट के लिए 28 रनों की साझेदारी की। ऑस्ट्रेलिया की ओर से ब्रेट ली ने सर्वाधिक चार विकेट लिए जबकि जेसन क्रेजा और शॉन टेट को दो-दो सफलता मिली। इसके अलावा मिशेल जानसन और शेन वॉटसन को भी एक-एक विकेट मिला। ग्रुप 'ए' से ऑस्ट्रेलिया के अलावा न्यूजीलैंड और पाकिस्तान की टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी हैं। ऑस्ट्रेलिया को अपना आखिरी मैच 19 मार्च को कोलम्बो में पाकिस्तान के साथ खेलना है। ऑस्ट्रेलिया ने पांच मैचों से नौ अंक जुटाए हैं जबकि पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के 8-8 अंक हैं। मेजबान श्रीलंका के सात अंक हैं और उसका भी क्वार्टर फाइनल में पहुंचना तय है क्योंकि जिम्बाब्वे, केन्या और कनाडा पहले ही दौड़ से बाहर हो चुके हैं। मैच के बाद पोंटिंग ने कहा, "हमारी सलामी जोड़ी ने अच्छा खेल दिखाया। हमें अब तक अच्छे परिणाम मिले हैं और इसी कारण हम आगे भी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं। हमारे गेंदबाजो ने आज काफी सराहनीय प्रदर्शन किया क्योंकि अहम मुकाम पर कनाडा पर लगाम लगाना जरूरी था। हमारा अगला मैच पाकिस्तान से है और हम इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।" कनाडा के कप्तान बगाई ने विश्व कप में मिले अनुभव को काफी फायदेमंद करार दिया। बगाई ने मैच के बाद कहा, "हमें विश्व कप से अच्छा अनुभव मिला। हमारे खिलाड़िोयों ने अच्छा खेल दिखाया। कुल मिलाकर हम अपने प्रदर्शन से खुश हैं। हमारे कुछ युवा खिलाड़ी उभरकर सामने आए। हीरन पटेल और जिम्मी हांसरा के साथ-सात कई अन्य खिलाड़ियों ने सराहनीय प्रदर्शन किया। हमें यहां से काफी कुछ सीखने को मिला है।"
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ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, टीम