दरिया-ए-नूर नाम का ऐतिहासिक हीरा 117 साल से बांग्लादेश के एक बैंक की तिजोरी में बंद है और अब बाहर आएगा. 1908 में नवाब सर सलीमुल्लाह बहादुर ने वित्तीय संकट के कारण हीरे सहित खजाने को ब्रिटिश सरकार को गिरवी रखा था. उस समय हीरे की कीमत लगभग 500,000 रुपये थी, जो आज के हिसाब से लगभग 115 करोड़ रुपए के बराबर मानी जाती है.