21 वर्षीय आर्यन वर्मा ने फर्जी ब्रिगेडियर की वर्दी पहनकर लोगों को भ्रमित किया और दो बाउंसर व एक ड्राइवर रखे थे बाउंसरों को रोजाना एक हजार रुपये मिलते थे, जबकि चालक को पांच सौ से छह सौ रुपये प्रतिदिन मिलते थे आर्यन ने दिल्ली से फर्जी पहचान पत्र और वर्दी बनवाई, नीट की तैयारी के बाद फर्जी आर्मी अफसर बनने की योजना बनाई