धौलपुर के चंबल मुक्तिधाम में एक बेटी ने अपनी 85 वर्षीय मां का अंतिम संस्कार पुत्र की तरह किया। रीता ने करीब चौदह साल तक मां की सेवा की और उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान किया। रीता ने समाज की पुरानी रूढ़ियों को तोड़ते हुए वैदिक पद्धति से मां को मुखाग्नि दी।