इटावा में यादव कथावाचक के साथ मारपीट की घटना ने देशव्यापी बहस को जन्म दिया है. कथावाचन का अधिकार केवल ब्राह्मणों तक सीमित होने का सवाल उठाया गया है. कुमार विश्वास ने कहा कि कथाएं सुनाने का अधिकार सभी को है, जाति से नहीं जुड़ा. जया किशोरी ने कहा कि भगवान ने भेदभाव नहीं किया, कर्म के अनुसार व्यवस्था है.