घोषणा-पत्र का इतिहास 19वीं-20वीं सदी से ही जुड़ा है. भारत में 1952 के आम चुनावों से ये महत्वपूर्ण दस्तावेज बना मेनिफेस्टो की तैयारी की प्रक्रिया अमूमन स्थानीय मुद्दों के विश्लेषण से वरिष्ठ नेताओं की मंजूरी तक की होती है चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार चुनावी वादे संविधान, कानून और आचार संहिता के अनुरूप होने चाहिए