कोर्ट ने कहा कि शादी करने वाले पुरुष को परिवार का खर्च उठाना कानूनी जिम्मेदारी, उससे इनकार नहीं किया जा सकता यदि किसी पुरुष को लगता है कि वह शादी के बाद परिवार का भरण-पोषण नहीं कर पाएगा तो उसे विवाह नहीं करना चाहिए फैमिली कोर्ट ने पति को पत्नी को मेंटेनेंस के रूप में चार हजार रुपये प्रति माह देने का आदेश दिया था