सरकारी बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपये की घोषणा. सरकार के इस कदम का पूर्व RBI गवर्नर बिमल जालान ने किया स्वागत. इस फैसले को 2014 में ही ले लेना चाहिए था.