नोएडा में अंगिका भाषा में लिखी रामचरितमानस का विमोचन किया गया अंगिका बिहार के भागलपुर, बांका, मुंगेर और आस-पास के जिलों की भाषा है कुमारी रूपा ने कहा कि इसे लिखने में उन्हें तीन साल का समय लगा