बिहार चुनाव के पहले चरण में वोट प्रतिशत और संख्या दोनों में वृद्धि देखी गई, जो राजनीतिक चर्चा का विषय बनी है महिलाओं और अति पिछड़ी जाति के वोटरों ने इस बार मौन रहते हुए साइलेंट वोटिंग कर सही आंकलन को चुनौती दी है पीके समर्थित उम्मीदवारों ने शहरी क्षेत्रों में युवाओं का जोश बढ़ाया है, जिससे कई सीटों पर मुकाबला कड़ा है