ब्राजील में चल रहे फीफा वर्ल्डकप में रविवार देर रात खेले गए ग्रुप-ई के एक मुकाबले में फ्रांस ने होंडुरास को 3-0 से हरा दिया।
बेइरा रियो स्टेडियम में खेल गए इस मुकाबले में फ्रांस के स्ट्राइकर करीम बेंजेमा ने दो गोल किए।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पिछले सात मैचों में आठ गोल दागने वाले बेंजेमा 1998 के बाद किसी विश्व कप के एक मैच में दो गोल दागने वाले पहले फ्रांसीसी खिलाड़ी हैं। इसके पहले जिनेदिन जिदेन ने साल 1998 के विश्व फाइनल में दो गोल किए थे।
होंडुरास के मिडफील्डर विल्सन पासासिअस को 43वें मिनट में दूसरी बार पीला कार्ड दिखाया गया और फ्रांस को पेनाल्टी दी गई। इसके बाद बेंजेमा ने कोई गलती नहीं की और 45वें मिनट में टीम को पहली बढ़त दिला दी। पहला हाफ फ्रांस के लिए बेहद अच्छा रहा और उसे तीन फ्री कीक भी मिले।
दूसरे हाफ में एक गोल की बढ़त लेकर उतरी फ्रांस की टीम ने दूसरे हाफ में भी आक्रमण बनाए रखा। दूसरे हाफ में फ्रांस को दूसरी बढ़त खेल के 48वें मिनट में मिली। बेंजेमा का एक शॉट होंडुरास के गोलपोस्ट की दाहिने ओर टकराया, जिसे गोलकीपर नोएल वालाडेर्स ने पकड़ लिया। इसके बाद गोललाइन तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिसमें यह पता चला कि गेंद ने गोल-लाइन पार कर ली थी। इस गोल को आत्मघाती करार किया गया।
इस तरह होंडुरास के वालाडेर्स विश्व कप को इतिहास में आत्मघाती गोल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। इसके पहले यह रिकार्ड पुर्तगाल के कार्लोस गामारा के नाम था जिन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 19 जून 2006 को एक आत्मघाती गोल किया था। उस समय उनकी उम्र 35 साल और 113 दिन था। वहीं वालाडेर्स की उम्र 37 साल और 43 दिन है।
मैच में दो गोल से पिछड़ने के बाद होंडुरास ने अपना आक्रमण और तेज करने की कोशिश की, जिसके कारण फ्रांस को और मौके मिले। खेल के 72वें मिनट में बेंजेमा ने 'ब्रेस' गोल कर अपनी टीम को तीसरी बढ़त दिला दी। फ्रांस को अब अगला मैच स्विट्जरलैंड से खेलना है, जिसने रविवार को इक्वाडोर को 2-1 से हराया।
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