दो स्टेशनों के बीच ट्रेन
कोई भी जानकारी तुरंत मिलने की बढ़ती मांग के चलते आप यहां आसानी से स्टेशनों के बीच ट्रेनों का स्टेटस देख सकते हैं. भारतीय रेलवे दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है, जिसमें 65,000 किलोमीटर की दूरी पर 1,15,000 किलोमीटर के ट्रैक हैं और लगभग 1.7 ट्रिलियन रुपये का राजस्व है. यह सब इसलिए, क्योंकि भारतीय रेलवे में हर दिन लगभग 20 मिलियन यात्री यात्रा करते हैं!
इतना ही नहीं, 2015-16 में रोजाना औसतन 13,313 यात्री ट्रेनें चलीं. अनुमान लगाया गया था कि 13,313 ट्रेनों में हर दिन लगभग 22 मिलियन यात्रियों को ले जाया जाता था. भारतीय रेलवे में 11,000 से अधिक इंजनों के साथ 70,000 से अधिक यात्री डिब्बे हैं.
इतने हिस्से को कवर करने के लिए, ट्रेनें देशभर में कई स्टेशनों के बीच चलती हैं. रेलवे के विशाल नेटवर्क के कारण, यात्रा करने की भारी मांग है. और चूंकि प्रौद्योगिकी में तेजी से प्रगति के चलते यात्रा करने वालों की बढ़ती संख्या के कारण स्टेशनों के बीच ट्रेनों के लिए एक विशाल सूचना डेटाबेस समय की आवश्यकता है. विशेष रूप से एक विश्वसनीय डेटाबेस, जिसमें पूरे भारत के स्टेशनों के बीच सभी अलग-अलग ट्रेनों की जानकारी होती हो और जो बिना किसी कठिनाई के आसानी से उपलब्ध होती है.
अब, सभी ट्रेनों के लिए इन्क्वाइरी आसान है. ट्रेनों से जुड़ी जानकारी हासिल करना अब कठिन काम नहीं है. पहले जानकारी के लिए यात्री को रेलवे स्टेशन जाना पड़ता था या फिर रेलवे स्टेशनों पर कॉल करके जानकारी लेनी पड़ती थी.
इंटरनेट के प्रसार के साथ ही पूरे रेलवे नेटवर्क के माध्यम से चलने वाली सभी महत्वपूर्ण ट्रेनों पर सभी सूचनाओं तक पहुंचना अब बेहद आसान हो गया है.
भारतीय रेलवे में ट्रेनों का डेटाबेस
महत्वपूर्ण स्टेशनों के बीच बड़ी संख्या में ट्रेनें चलती हैं. सभी महानगरों के साथ-साथ लगभग सभी अन्य शहरों, कस्बों और गांवों को देश के रेलवे नेटवर्क में शामिल किया गया है!
देशभर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रेनें चलती हैं. यह महत्वपूर्ण है कि डेटाबेस सभी विभिन्न स्टेशनों पर चलने वाली सभी ट्रेनों को सटीक रूप से कवर करता हो. किसी भी छोटी सी त्रुटि से उपयोगकर्ता को भारी नुकसान हो सकता है, जो अस्वीकार्य है.
बड़ी संख्या में ऐसी रेलगाड़ियां हैं, जिनके बारे में यूजर प्रतिदिन सर्च करते हैं, जिन्हें कई महत्वपूर्ण स्टेशनों के बीच यात्रा करनी होती है. कई प्रकार की ट्रेनें हैं, जिनमें राजधानी, सुपरफास्ट ट्रेनें, दूरंतो, शताब्दी, यात्री ट्रेनें, मेल एक्सप्रेस ट्रेनें और स्थानीय ट्रेनें, जो मुंबई के मेट्रो शहर में चलती हैं, शामिल हैं.
मुंबई लोकल
मुंबई लोकल ट्रेनें स्थानीय ट्रेनों में सबसे प्रसिद्ध हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग मुंबई जैसे विशाल शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में यात्रा करते हैं. यह मुंबई जैसे बड़े शहर में ट्रांसपोर्ट का सबसे पुराना साधन भी है.
लग्ज़री ट्रेनें
लोकल ट्रेनों और पैसेंजर ट्रेनों के अलावा लग्ज़री ट्रेनें भी हैं. वे यात्री, जो प्रीमियम यात्रा का लाभ उठाना चाहते हैं, वे भी ऐसी ट्रेनों के बारे में जानकारी चाहते हैं. इन ट्रेनों में एक विशेष यात्रा सर्किट होता है और वे महत्वपूर्ण स्टेशनों के बीच यात्रा करते हैं, जहां कई अलग-अलग पर्यटन स्थल होते हैं और वे कई अलग-अलग हेरीटेज स्पॉट्स पर भी रुकते हैं.
इनमें से कुछ लग्ज़री ट्रेनों में महाराजा एक्सप्रेस, गोल्डन चैरियट, डेक्कन ओडिसी और शायद सभी लग्ज़री ट्रेनों में सबसे प्रसिद्ध पैलेस ऑन व्हील्स शामिल हैं. ट्रेनों को विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो इनमें यात्रा करना पसंद करते हैं.
गरीब रथ
लग्ज़री ट्रेनों के अलावा, गरीब रथ भी एक विशेष ट्रेन है, जो अपनी तरह की अनूठी ट्रेन है. इन ट्रेनों में लोगों को कम किराये में यात्रा करना अधिक किफायती बनाया है. गरीब रथ ट्रेनें भी सुपर फास्ट ट्रेनें हैं, जिनमें एसी कोच हैं, ताकि यात्रियों को कम खर्च में अधिक असुविधा मिल सके. गरीब रथ कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों और कुछ सुपर फास्ट ट्रेनों की गति को भी मात देती है!
दूरंतो एक्सप्रेस
यह भारत की सबसे तेज चलने वाली ट्रेनों में से एक है. जब स्पीड की बात आती है, तो दूरंतो एक्सप्रेस ट्रेनें राजधानी और शताब्दी ट्रेनों के समानांतर होती हैं! दूरंतो ट्रेनों में एक विशेष क्षमता होती है कि वे केवल देश के सभी प्रमुख राजधानी शहरों से जुड़ी होती हैं और सच यह है कि वे लंबी दूरी की ट्रेनें हैं, जो बहुत कम समय में प्रमुख स्टेशनों के बीच की दूरी को पूरा करती हैं.
NDTV डेटाबेस में स्टेशनों के बीच चलने वाली ट्रेनों समेत सभी ट्रेनों की जानकारी उपलब्ध है.
स्टेशनों के बीच ट्रेनों के कुछ रोचक तथ्य
रेलवे लाइनों के इतने विशाल नेटवर्क के साथ ही स्टेशनों के बीच विभिन्न ट्रेनों के बारे में कई रोचक तथ्य हैं, जो निश्चित रूप से आप नहीं जानते होंगे.
उदाहरण के लिए, दो स्टेशनों के बीच की न्यूनतम दूरी केवल 3 किमी है. नागपुर स्टेशन और अजनी स्टेशन के बीच 3 किमी की दूरी है. इसके विपरीत, ट्रेन द्वारा तय की गई सबसे लंबी दूरी 4,273 किलोमीटर है. यह डिब्रूगढ़ और कन्याकुमारी के स्टेशनों के बीच की दूरी है और इसे कवर करने वाली ट्रेन को विवेक एक्सप्रेस कहा जाता है.
सबसे लंबे नाम वाला स्टेशन आंध्र प्रदेश में 'वेंकटनरसिम्हाराजुवरिपेटा' है, जबकि सबसे छोटे स्टेशन का नाम ओडिशा में "इब" है. त्रिवेंद्रम-हज़रत निज़ामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन बिना रुके 528 किलोमीटर की दूरी तय करती है!
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