मौत के मुंह से लौटी एक महिला की दास्तां : भयानक रातें जो काटे न कटी...
Zara Hatke
Updated: Jun 23, 2013
‘बहुत जोरों की बारिश हो रही थी... बाढ़ का पानी अपनी राह में आने वाली हर चीज को बहा ले गया था... क्या तो सड़कें और क्या पुल... लेकिन इसके बावजूद हमें अंदाजा नहीं था कि कुदरत इस कदर कहर बरपाएगी।’
Read more