भले नेतन्याहू और उनकी सरकार बोले कि वह अमेरिका-ईरान डील में पार्टी नहीं है, उसे सीजफायर की बात माननी होगी अगर इजरायली सेना ने फिर से हमला किया, खासकर लेबनान में तो उसे ट्रंप की नाराजगी झेलनी पड़ेगी नेतन्याहू को अब पता है कि ईरान में पहले से ज्यादा कट्टरपंथी ताकतें सत्ता में बैठ चुकी हैं