1975 में शिया और सुन्नी मुसलमानों के बीच गृहयुद्ध शुरू हुआ, जिससे लेबनान में धार्मिक समीकरण प्रभावित हुए 1979 में ईरान की सरकार ने लेबनान के शियाओं को हथियार देना शुरू किया, जिससे उनकी सत्ता में मजबूती आई 1985 में ईरान की मदद से हिजबुल्लाह की स्थापना हुई, जो बाद में दक्षिणी लेबनान पर प्रभुत्व स्थापित करने लगा