सीजफायर के बावजूद हॉर्मुज से होकर आवाजाही बेहद कम, सिर्फ 8 से 11 जहाज गुजरे. 800 से 1400 जहाज अब भी फंसे, कंपनियां नया जोखिम नहीं ले रहीं. टोल, प्रतिबंध, माइंस और सुरक्षा खतरे ने वैश्विक व्यापार को अनिश्चितता में डाला.