निक्की प्रधान झारखंड के एक गरीब परिवार से आती हैं खेलने के लिए हॉकी स्टिक नहीं थी तो बांस से हॉकी स्टिक बनाई आज भी समय मिलने पर अपने खेतों में काम करती हैं निक्की