स्कैमर ने आईएएस अधिकारी के नाम से फेसबुक पर धोखाधड़ी के लिए महंगे उपकरण की छूट का झूठा दावा किया था. जब स्कैमर ने भुगतान के लिए क्यूआर कोड भेजा तो व्यक्ति ने तकनीकी समस्या बताकर चैटजीपीटी से ट्रैकर पेज भेजा. स्कैमर की लोकेशन और तस्वीर मिलने पर उसने माफी मांगी और धोखाधड़ी बंद करने का वादा किया.