बीएमसी चुनाव में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने आपसी मतभेद खत्म कर गठबंधन किया, लेकिन जीत बीजेपी की हुई 1865 में स्थापित बीएमसी भारत का सबसे धनी निगम है, जिसका वार्षिक बजट कई राज्यों से अधिक है शिवसेना ने लंबे समय तक बीएमसी पर शासन किया, लेकिन इस बार बीजेपी का पहली बार मेयर बनेगा