पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले छोटे मुस्लिम दलों और कांग्रेस ने तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनौती पैदा कर दी है. 30% अल्पसंख्यक मतदाताओं को लुभाने की होड़ है, जो राज्य की 114 से अधिक सीट के नतीजों को प्रभावित करते हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छोट दलों और स्थानीय शिकायतों के उभरने से हलचल पैदा हुई है.