कोच्चि टस्कर्स का अनुबंध 2011 में रद्द कर दिया गया था बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष मनोहर ने लिया था यह फैसला कोच्चि की टीम ने इसके लिए 850 रुपए का मुआवजा मांगा