21 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित हुई थी मैट्रिक की परीक्षा. बिहार बोर्ड ने मैट्रिक मूल्यांकन 5 मार्च से शुरू किया था. दोनों कक्षाओं के छात्रों का पासिंग प्रतिशत निराशाजनक रहा था.